Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُكْشَفُ عَن سَاقٍ: यानी क़यामत के दिन हौलनाक स्थिति पैदा होगी और अल्लाह तआला अपनी शान के अनुकूल अपनी पिंडली खोलेगा, जिसकी कोई मिसाल नहीं।
- يُدْعَوْنَ إِلَى السُّجُودِ: उन्हें सज्दे के लिए बुलाया जाएगा।
- فَلَا يَسْتَطِيعُونَ: तो वे सज्दा नहीं कर सकेंगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़यामत के दिन के एक बहुत ही भयानक और अहम दृश्य का वर्णन करती है। उस दिन जब अल्लाह तआला अपनी शान के अनुकूल अपनी पिंडली खोलेगा और हौलनाक स्थिति पैदा होगी, तो सभी लोगों को सज्दे के लिए बुलाया जाएगा। मोमिन पुरुष और मोमिन महिलाएं उस समय सज्दे में गिर जाएंगी, क्योंकि दुनिया में उन्होंने अल्लाह की इबादत की थी और सज्दे के आदी थे। लेकिन जो लोग दुनिया में रिया (दिखावे) और शोहरत के लिए सज्दा करते थे, या जिन्होंने अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ा था—काफ़िर और मुनाफ़िक़—वे उस दिन सज्दा करना चाहेंगे, लेकिन उनकी पीठ लोहे की चादर की तरह सख्त हो जाएगी और वे सज्दा नहीं कर पाएंगे। यह उनके लिए बहुत बड़ी रुसवाई और अज़ाब का क्षण होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सज्दा अल्लाह की सबसे बड़ी इबादत है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के सामने अपना माथा झुकाते हैं, वे आख़िरत में भी सज्दे की तौफ़ीक़ पाएंगे और उन्हें इसका बड़ा इनाम मिलेगा। लेकिन जो लोग अहंकार और दिखावे के कारण सज्दे से दूर रहते हैं, वे उस दिन पछताएंगे, लेकिन पछताने का कोई फायदा नहीं होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी नमाज़ों को सच्चे दिल से अदा करें, सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए, ताकि क़यामत के दिन हम उन लोगों में शामिल हों जिन्हें सज्दे की तौफ़ीक़ मिलेगी और हमारा चेहरा उस दिन नूरानी होगा। याद रखिए, सज्दा वह अमल है जो इंसान को अल्लाह के सबसे करीब लाता है और शैतान को उससे दूर करता है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को सज्दों की रोशनी से रोशन करें, ताकि उस बड़े दिन हमारा माथा अल्लाह के सामने झुक सके और हम कामयाबी पा सकें।
📜 आयत 40-44 — सूरा अल-क़लम
अनुवाद — अल-क़लम 42
सूरा अल-क़लम आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस दिन पिंडली खोल दी जाए और (काफ़िर) लोग सजदे…सूरा आयत 42/52 — सूरा अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़लम सुनें, सूरा अल-क़लम अनुवाद, सूरा अल-क़लम mp3, सूरा अल-क़लम pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
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Saturday, October 3, 2026
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