अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْرَثْنَا: हमने उत्तराधिकार में दिया।
- يُسْتَضْعَفُونَ: जिन्हें कमज़ोर समझकर उन पर अत्याचार किया जाता था।
- مَشَارِقَ الْأَرْضِ وَمَغَارِبَهَا: धरती के पूर्व और पश्चिम के क्षेत्र।
- بَارَكْنَا فِيهَا: जिसमें हमने बरकत (खुशहाली) रखी।
- كَلِمَتُ رَبِّكَ الْحُسْنَى: आपके रब का सुंदर वादा।
- دَمَّرْنَا: हमने नष्ट कर दिया।
- يَعْرِشُونَ: जो वे (इमारतें और बाग़) बनाते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला ने बनी इसराईल पर अपनी महान कृपा का ज़िक्र किया है। जब फ़िरऔन और उसकी क़ौम बनी इसराईल को बुरी तरह ज़लील कर रही थी, उन्हें ग़ुलाम बनाकर उनके बेटों को ज़िब्ह करती थी और उनकी बेटियों को ज़िंदा रखकर उनसे मुश्किल काम लेती थी, तो अल्लाह ने अपने नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए उन्हें इस ज़ुल्म से निजात दिलाई। फिर अल्लाह ने उन्हें उस धरती का उत्तराधिकारी बनाया जिसके पूर्व और पश्चिम के क्षेत्रों में बरकत रखी थी — यानी शाम (सीरिया, फ़िलिस्तीन) और मिस्र की धरती, जहाँ नदियाँ बहती हैं, खेती लहलहाती है और फल-फूल प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह अल्लाह का वह सुंदर वादा था जो उसने अपने बंदों से किया था कि कमज़ोर समझे जाने वाले लोगों को वह ज़मीन का वारिस बनाएगा और उन्हें इमाम (नेता) बनाएगा। यह वादा बनी इसराईल के सब्र (धैर्य) की वजह से पूरा हुआ — उन्होंने फ़िरऔन के अत्याचारों पर सब्र किया, अल्लाह पर भरोसा रखा और अपने नबी का साथ नहीं छोड़ा। और अल्लाह ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम के बनाए हुए भव्य महलों, बाग़ों, खेती और ऊँची इमारतों को पूरी तरह नष्ट कर दिया — जो कुछ वे बनाते थे, सब तबाह हो गया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की मदद का वादा उन लोगों के साथ है जो सब्र करते हैं। चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। जिस तरह बनी इसराईल को उनके सब्र की बदौलत ज़मीन का वारिस बनाया गया और फ़िरऔन जैसा ज़ालिम अपनी सारी ताक़त के बावजूद तबाह कर दिया गया, उसी तरह आज भी अगर हम अल्लाह पर भरोसा रखें, उसकी इबादत में सब्र करें और उसके दीन की सेवा करें, तो अल्लाह हमें भी कामयाबी देगा। यह आयत मुसलमानों के लिए एक उम्मीद और हौसले की बात है कि ज़ुल्म चाहे कितना भी बड़ा हो, अल्लाह की तदबीर उससे बड़ी है। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में सब्र और अल्लाह पर भरोसे को अपनाएँ, क्योंकि अल्लाह का वादा सच्चा है — "और अल्लाह का वादा पूरा होकर रहता है।" यही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 135-139 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 137
सूरा अल-आराफ आयत 137 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन बेचारों को ये लोग कमज़ोर समझते थे उन्हीं…सूरा आयत 137/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 135–139. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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