अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْبَلَدُ الطَّيِّبُ: अच्छी और उपजाऊ भूमि।
- نَكِدًا: कठिनाई से, बहुत कम और बिना किसी लाभ के।
- نُصَرِّفُ: हम विभिन्न प्रकार से प्रस्तुत करते हैं, दोहराते और स्पष्ट करते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में एक बहुत ही सुंदर और स्पष्ट उदाहरण दिया है। अच्छी और उपजाऊ भूमि जब वर्षा का पानी पीती है, तो वह अपने रब की आज्ञा से अच्छी और भरपूर फसल पैदा करती है। ठीक इसी प्रकार, जब एक सच्चा मोमिन (ईमानवाला) कुरआन की आयात और नसीहतें सुनता है, तो उसका दिल उन्हें अपना लेता है, और उसके अंदर अच्छे कर्म, अच्छा चरित्र और ईमान की मज़बूती पैदा होती है। उसका जीवन फलता-फूलता है और वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होता है।
इसके विपरीत, खराब और शोरगिली (लवणीय) भूमि जब पानी पीती है, तो वह कुछ भी अच्छा नहीं उगाती; अगर कुछ उगता भी है, तो बहुत कम, कांटेदार और बेकार होता है। ठीक इसी प्रकार, जो व्यक्ति काफ़िर है या जिसका दिल सख्त और अहंकारी है, वह कुरआन और नसीहतों को सुनता है, लेकिन उससे कोई फायदा नहीं उठाता। उसके अंदर नेकी और अच्छाई पैदा नहीं होती, और उसका जीवन बेकार और बिना किसी सच्चे उद्देश्य के रहता है।
अल्लाह तआला फरमाता है कि इसी प्रकार हम अपनी आयात और निशानियों को विभिन्न तरीकों से बयान करते हैं और उन्हें दोहराते हैं, ताकि वे लोग समझ सकें जो अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करते हैं और उसकी इबादत करते हैं। शुक्र करने वालों का दिल नर्म होता है और वे हिदायत कबूल करते हैं।
फायदे और सबक:
- यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह अच्छी ज़मीन से अच्छी फसल पैदा होती है, उसी तरह अच्छे दिल से अच्छे कर्म पैदा होते हैं। हमें अपने दिल को अच्छा और साफ रखने की कोशिश करनी चाहिए।
- कुरआन की आयात सुनने का फायदा तभी होता है जब हम उन्हें समझें और उन पर अमल करें। सिर्फ सुनना काफी नहीं है।
- अल्लाह तआला ने कुरआन में कई उदाहरण दिए हैं ताकि हम आसानी से समझ सकें। यह अल्लाह की रहमत और हमारे प्रति उसके प्यार की निशानी है।
- शुक्रगुज़ार बंदा हमेशा अल्लाह की तरफ रुजू करता है और उसकी हिदायत को कबूल करता है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में मशगूल रहें।
- यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम और कुरआन हर इंसान के लिए रहमत है, लेकिन फायदा वही उठा सकता है जो सच्चे दिल से सुनता और समझता है।
📜 आयत 56-60 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 58
सूरा अल-आराफ आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम यूं ही (क़यामत के दिन ज़मीन से) मुर्दों को…सूरा आयत 58/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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