अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آيَاتِنَا: हमारी निशानियाँ, हमारे प्रमाण, हमारी आयतें (क़ुरआन की आयतें और अल्लाह के भेजे हुए रसूलों के चमत्कार)।
- كَذَّابًا: अत्यधिक झुठलाना, बार-बार झुठलाना (यहाँ इसका अर्थ है पूरी तरह से झुठला देना)।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन काफ़िरों का हाल बयान कर रहा है जिन्होंने आख़िरत के दिन को नहीं माना और उस दिन के आने पर यक़ीन नहीं किया। उन्होंने अल्लाह की उन आयतों को—जो उसके रसूलों पर उतारी गईं—न केवल झुठलाया, बल्कि उन्हें झुठलाने में हद से गुज़र गए। उनका झुठलाना सिर्फ़ एक बार नहीं था, बल्कि वे बार-बार, हर मौके़ पर, हर निशानी को देखकर उसे झुठलाते रहे। उन्होंने अल्लाह की किताब को, उसके रसूलों को और उनके लाए हुए सबूतों को सिरे से नकार दिया।
यह उनका यही कृत्य था जिसने उन्हें उस भयानक अंजाम तक पहुँचाया जिसका ज़िक्र आगे की आयतों में आ रहा है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उन्होंने हिसाब के दिन का डर नहीं रखा, इसलिए उन्होंने उसके लिए कोई तैयारी नहीं की। उन्होंने रसूलों की लाई हुई हर चीज़ को झुठलाया, और यह झुठलाना उनकी आदत बन गया था। लेकिन अल्लाह ने उनके हर काम को लिख लिया है, और वह उनके हर अमल का हिसाब रखेगा। फिर उन्हें उनके किए की सज़ा दी जाएगी, और उनकी सज़ा में और इज़ाफ़ा किया जाएगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि अल्लाह की निशानियों को झुठलाना कितना बड़ा गुनाह है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की हर निशानी पर ग़ौर करें—चाहे वह क़ुरआन की आयतें हों, क़ुदरत के नज़ारे हों, या हमारे अपने अंदर की निशानियाँ। हर निशानी हमें अल्लाह की तरफ़ बुलाती है। जो इन निशानियों से आँखें बंद कर लेता है, वह अपने ही नुक़सान का सामान करता है। लेकिन जो इन पर ग़ौर करता है और उनसे सबक़ लेता है, उसके लिए हिदायत के दरवाज़े खुल जाते हैं। अल्लाह तआला ने हमें अक़्ल दी है, समझ दी है, और क़ुरआन भेजा है—यह सब उसकी रहमत है। हमें चाहिए कि हम इन नेअमतों का शुक्र अदा करें और इन्हें झुठलाने के बजाय इन पर ईमान लाएँ, ताकि हम उस अंजाम से बच जाएँ जिसका ज़िक्र इस सूरह में किया गया है।
📜 आयत 26-30 — अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 28
सूरा अन-नबा आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इन लोगो हमारी आयतों को बुरी तरह झुठलायासूरा आयत 28/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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