Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يَرْجُونَ: डरते नहीं थे, आशा नहीं रखते थे (यहाँ "رجاء" का अर्थ डर और ख़ौफ़ है)।
- حِسَابًا: हिसाब, यानी क़ियामत के दिन अल्लाह की ओर से किए जाने वाला हिसाब।
तफ़सीर:
ये आयत उन काफ़िरों और मुनकिरों का हाल बयान कर रही है जो आख़िरत पर ईमान नहीं रखते। वे दुनिया में ऐसे जीते थे जैसे उन्हें कभी कोई हिसाब देना ही नहीं है। उनके दिलों से क़ियामत का डर और अल्लाह के सामने खड़े होने का ख़ौफ़ ख़त्म हो चुका था। वे न तो मौत के बाद की ज़िंदगी पर यक़ीन रखते थे, न ही अच्छे और बुरे आमाल के बदले पर भरोसा करते थे। इसलिए उन्होंने अपनी ज़िंदगी को बेलगाम कर दिया, हर गुनाह और ज़ुल्म को जायज़ समझा, और रसूलों के पैग़ाम को झुठलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
अगर वे सच में यक़ीन रखते कि एक दिन उन्हें अपने हर अमल का हिसाब देना है, तो वे अल्लाह की इबादत करते, उसके हुक्मों पर चलते, और नेक कामों में जल्दी करते। लेकिन उन्होंने हिसाब के दिन को झुठला दिया, इसलिए उनका अंजाम ये हुआ कि अल्लाह ने उनके हर अमल को लिख लिया और उनके लिए दर्दनाक अज़ाब तैयार कर दिया। ये आयत हमें चेतावनी देती है कि हम में से हर शख्स को एक दिन अपने रब के सामने खड़ा होना है, और वहाँ हर छोटे-बड़े अमल का हिसाब होगा।
इस आयत से हमें सबक लेना चाहिए कि जो लोग हिसाब के दिन से डरते हैं और उस पर ईमान रखते हैं, वे दुनिया में सब्र और परहेज़गारी के साथ जीते हैं। वे जानते हैं कि उनकी आँखें, कान, दिल और हर अंग गवाही देंगे, और अल्लाह की रहमत के साथ-साथ उसका इंसाफ़ भी है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि जब हम अपने रब के सामने खड़े हों, तो हमारा पल्ला नेकियों से भारी हो, और हम उन लोगों में से न हों जिन्होंने हिसाब को भुला दिया और अल्लाह की नाफ़रमानी में अपनी उम्र बर्बाद कर दी। अल्लाह हमें हिसाब के दिन की तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में से बनाए जो उसकी रहमत के हक़दार हैं। आमीन।
📜 आयत 25-29 — सूरा अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 27
सूरा अन-नबा आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये लोग आख़ेरत के हिसाब की उम्मीद ही न…सूरा आयत 27/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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