Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّابِقَاتِ: आगे बढ़ने वाली, सबसे पहले पहुँचने वाली (यहाँ फ़रिश्ते मुराद हैं)।
- سَبْقًا: तेज़ी से आगे बढ़ना, दौड़कर पहले पहुँचना।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो उसके हुक्म को बजा लाने में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह के आदेशों को पूरा करने में बेहद तेज़ और सबसे आगे होते हैं। कुछ मुफ़स्सिरीन के अनुसार, ये वे फ़रिश्ते हैं जो शैतानों से पहले नबियों के पास वही (प्रकाशना) लेकर पहुँचते हैं, क्योंकि शैतान आसमान की बातें चुराने की कोशिश करते हैं, लेकिन फ़रिश्ते उनसे पहले ही अल्लाह का पैग़ाम पहुँचा देते हैं। यह भी मतलब लिया गया है कि ये फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म को अंजाम देने में एक-दूसरे से सबक़त (बढ़त) ले जाते हैं—चाहे वह नेकियों की तरफ़ दौड़ना हो या अल्लाह के फ़रमान को बजा लाना हो।
यह क़सम दिखाती है कि अल्लाह के फ़रिश्ते कितने फुर्तीले, आज्ञाकारी और समर्पित हैं। वे किसी भी हुक्म को मिलते ही बिना किसी हिचकिचाहट के पूरा करते हैं। यह हम इंसानों के लिए सबक़ है कि जिस तरह फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म में सबसे आगे रहते हैं, हमें भी अपनी ज़िंदगी में नेक कामों में, अल्लाह की इबादत में और उसकी रज़ा के कामों में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह तआला की क़समें उसकी महानता और उसके कामों की अहमियत को ज़ाहिर करती हैं। जब अल्लाह इन फ़रिश्तों की क़सम खाता है, तो इसका मतलब है कि इन फ़रिश्तों का काम बहुत अहम है और उनकी तेज़ी और सबक़त अल्लाह के इल्म और क़ुदरत की निशानी है।
इस क़सम के बाद आने वाली आयतों में अल्लाह तआला क़यामत के दिन की घटनाओं का ज़िक्र करता है, जिससे हमें यक़ीन होता है कि जिस तरह फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म में सबसे आगे हैं, उसी तरह अल्लाह का वादा भी सच्चा है और क़यामत ज़रूर आएगी। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरना चाहिए और अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत की तरफ़ दौड़ना चाहिए, क्योंकि यही कामयाबी की राह है।
📜 आयत 2-6 — सूरा अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 4
सूरा अन-नाज़ियात आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनकी क़सम जो (आसमान ज़मीन के दरमियान) पैरते फिरते…सूरा आयत 4/46 — सूरा अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नाज़ियात सुनें, सूरा अन-नाज़ियात अनुवाद, सूरा अन-नाज़ियात mp3, सूरा अन-नाज़ियात pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अन-नाज़ियात
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


