अन-नाज़ियात · 4/46
अनुवाद उच्चारण — अन-नाज़ियात
فَالسَّابِقَاتِ سَبْقًا ۝٤
Fass saabi qaati sabqa
📖 हिंदी अर्थ
और उनकी क़सम जो (आसमान ज़मीन के दरमियान) पैरते फिरते हैं

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • السَّابِقَاتِ: आगे बढ़ने वाली, सबसे पहले पहुँचने वाली (यहाँ फ़रिश्ते मुराद हैं)।
  • سَبْقًا: तेज़ी से आगे बढ़ना, दौड़कर पहले पहुँचना।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो उसके हुक्म को बजा लाने में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। ये फ़रिश्ते अल्लाह के आदेशों को पूरा करने में बेहद तेज़ और सबसे आगे होते हैं। कुछ मुफ़स्सिरीन के अनुसार, ये वे फ़रिश्ते हैं जो शैतानों से पहले नबियों के पास वही (प्रकाशना) लेकर पहुँचते हैं, क्योंकि शैतान आसमान की बातें चुराने की कोशिश करते हैं, लेकिन फ़रिश्ते उनसे पहले ही अल्लाह का पैग़ाम पहुँचा देते हैं। यह भी मतलब लिया गया है कि ये फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म को अंजाम देने में एक-दूसरे से सबक़त (बढ़त) ले जाते हैं—चाहे वह नेकियों की तरफ़ दौड़ना हो या अल्लाह के फ़रमान को बजा लाना हो।

यह क़सम दिखाती है कि अल्लाह के फ़रिश्ते कितने फुर्तीले, आज्ञाकारी और समर्पित हैं। वे किसी भी हुक्म को मिलते ही बिना किसी हिचकिचाहट के पूरा करते हैं। यह हम इंसानों के लिए सबक़ है कि जिस तरह फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म में सबसे आगे रहते हैं, हमें भी अपनी ज़िंदगी में नेक कामों में, अल्लाह की इबादत में और उसकी रज़ा के कामों में एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह तआला की क़समें उसकी महानता और उसके कामों की अहमियत को ज़ाहिर करती हैं। जब अल्लाह इन फ़रिश्तों की क़सम खाता है, तो इसका मतलब है कि इन फ़रिश्तों का काम बहुत अहम है और उनकी तेज़ी और सबक़त अल्लाह के इल्म और क़ुदरत की निशानी है।

इस क़सम के बाद आने वाली आयतों में अल्लाह तआला क़यामत के दिन की घटनाओं का ज़िक्र करता है, जिससे हमें यक़ीन होता है कि जिस तरह फ़रिश्ते अल्लाह के हुक्म में सबसे आगे हैं, उसी तरह अल्लाह का वादा भी सच्चा है और क़यामत ज़रूर आएगी। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरना चाहिए और अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत की तरफ़ दौड़ना चाहिए, क्योंकि यही कामयाबी की राह है।



📜 आयत 2-6 — अन-नाज़ियात

2وَالنَّاشِطَاتِ نَشْطًا
जो (कुफ्फ़ार की रूह) डूब कर सख्ती से खींच लेते हैं
3وَالسَّابِحَاتِ سَبْحًا
और उनकी क़सम जो (मोमिनीन की जान) आसानी से खोल देते हैं
4فَالسَّابِقَاتِ سَبْقًا
और उनकी क़सम जो (आसमान ज़मीन के दरमियान) पैरते फिरते हैं
5فَالْمُدَبِّرَاتِ أَمْرًا
फिर एक के आगे बढ़ते हैं
6يَوْمَ تَرْجُفُ الرَّاجِفَةُ
फिर (दुनिया के) इन्तज़ाम करते हैं (उनकी क़सम) कि क़यामत हो कर रहेगी
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीRevelation
4आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 4

सूरा अन-नाज़ियात आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनकी क़सम जो (आसमान ज़मीन के दरमियान) पैरते फिरते…

सूरा आयत 4/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए