अन-नाज़ियात · 5/46
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नाज़ियात
فَالْمُدَبِّرَاتِ أَمْرًا ۝٥
Fal mu dab-bi raati amra
📖 हिंदी अर्थ
फिर एक के आगे बढ़ते हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَالْمُدَبِّرَاتِ: अर्थात वे (फ़रिश्ते) जो प्रबंधन करते हैं।
  • أَمْرًا: अल्लाह के आदेशों को, यानी विभिन्न कार्यों को।

व्याख्या:

इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला ने उन फ़रिश्तों की क़सम खाई है जो उसके आदेशों को अंजाम देने के लिए नियुक्त हैं। ये फ़रिश्ते ब्रह्मांड के विभिन्न कार्यों का प्रबंधन करते हैं—जैसे बारिश बरसाना, हवाएँ चलाना, रिज़्क़ बाँटना, जानें क़ब्ज़ करना, और अन्य असंख्य कार्य जो अल्लाह ने उन्हें सौंपे हैं। वे बिना किसी हिचकिचाहट के, पूरी तन्मयता और आज्ञाकारिता के साथ अपने रब के हुक्म को पूरा करते हैं।

यह क़समें इस बात की गवाही देती हैं कि जिस तरह ये फ़रिश्ते अल्लाह के आदेशों का पालन करते हैं और हर काम को व्यवस्थित ढंग से अंजाम देते हैं, उसी तरह अल्लाह तआला सभी प्राणियों को दोबारा जीवित करेगा और उनसे उनके कर्मों का हिसाब लेगा। यह संसार अपने आप में बेकार नहीं बनाया गया, बल्कि इसका एक उद्देश्य है—परीक्षा और फिर प्रतिफल।

दृष्टिकोण:

यह आयत हमें सिखाती है कि जिस तरह फ़रिश्ते अल्लाह के हर आदेश को बिना किसी सवाल के पूरा करते हैं, हमें भी अपने जीवन में अल्लाह के आदेशों का पालन करना चाहिए। यह भी याद दिलाती है कि यह दुनिया एक व्यवस्थित प्रणाली पर चल रही है, और इसका प्रबंधन करने वाला कोई न कोई ज़रूर है—वही अल्लाह है। जब हम चारों ओर इस व्यवस्था को देखते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है कि जिसने यह सब बनाया और चला रहा है, वह हमें दोबारा ज़िंदा करके हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब लेने के लिए ज़रूर सामने लाएगा। यह विश्वास हमें अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देता है और बुराई से बचाता है। अल्लाह की इस व्यवस्था पर ग़ौर करके हम अपने रब की क़ुदरत को पहचानें और उसकी इबादत में अपना जीवन बिताएँ।



📜 आयत 3-7 — सूरा अन-नाज़ियात

3وَالسَّابِحَاتِ سَبْحًا
और उनकी क़सम जो (मोमिनीन की जान) आसानी से खोल देते हैं
4فَالسَّابِقَاتِ سَبْقًا
और उनकी क़सम जो (आसमान ज़मीन के दरमियान) पैरते फिरते हैं
5فَالْمُدَبِّرَاتِ أَمْرًا
फिर एक के आगे बढ़ते हैं
6يَوْمَ تَرْجُفُ الرَّاجِفَةُ
फिर (दुनिया के) इन्तज़ाम करते हैं (उनकी क़सम) कि क़यामत हो कर रहेगी
7تَتْبَعُهَا الرَّادِفَةُ
जिस दिन ज़मीन को भूचाल आएगा फिर उसके पीछे और ज़लज़ला आएगा
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 5

सूरा अन-नाज़ियात आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर एक के आगे बढ़ते हैं

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Tuesday, September 29, 2026

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