अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- क़ुलूबुन (قلوب): दिल
- यौमइज़िन (يومئذ): उस दिन
- वाजिफ़तुन (واجفة): काँपते हुए, बहुत अधिक धड़कते हुए, भय से व्याकुल
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन (क़ियामत) का हाल बयान कर रही है, जब काफ़िरों और गुनाहगारों के दिल बुरी तरह धड़केंगे, काँपेंगे और डर से व्याकुल होंगे। उस दिन का हौल (भयावहता) इतना सख्त होगा कि दिल सीने से निकलकर गले तक आ जाएँगे, और यह डर उन्हें उनके किए हुए गुनाहों की याद दिलाएगा।
यह वही दिन होगा जब हर इंसान अपने अमल (कर्मों) का हिसाब देने के लिए खड़ा होगा। जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना, रसूलों को झुठलाया और अपनी ज़िंदगी ग़लत रास्तों पर बिताई, उनके दिल उस दिन सख्त घबराहट और खौफ में होंगे। उनकी आँखें नीची होंगी, चेहरे ज़लील होंगे, और उन पर रुसवाई छाई होगी।
यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन कोई मज़ाक़ नहीं, बल्कि एक सच्ची और भयानक घटना है। जो लोग आज अल्लाह की नाफ़रमानी में मगन हैं और आख़िरत को भूल चुके हैं, उन्हें उस दिन पछताना पड़ेगा। लेकिन अल्लाह रहम करने वाला है — जो आज अपने गुनाहों से तौबा कर ले, अल्लाह की राह पर चल पड़े, उसके लिए उस दिन खौफ़ की जगह सुकून और खुशी होगी।
आओ, हम इस आयत से सबक़ लें कि आज ही अपनी ज़िंदगी को सही कर लें, नमाज़ क़ायम करें, अल्लाह की इबादत करें और उसके रसूल की सुन्नत पर चलें, ताकि उस बड़े दिन हमारे दिल काँपने की बजाय अल्लाह की रहमत की खुशखबरी से भरे हों। याद रखिए, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है। अल्लाह हम सबको उस दिन के खौफ से बचाए और अपनी जन्नत से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अन-नाज़ियात
अनुवाद — अन-नाज़ियात 8
सूरा अन-नाज़ियात आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन दिलों को धड़कन होगीसूरा आयत 8/46 — अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नाज़ियात सुनें, अन-नाज़ियात अनुवाद, अन-नाज़ियात mp3, अन-नाज़ियात pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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