Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَخْدَعُوكَ: तुम्हें धोखा देना चाहें, तुमसे मक्कारी करें।
- حَسْبَكَ: तुम्हारे लिए पर्याप्त है, काफी है।
- أَيَّدَكَ: तुम्हें शक्ति प्रदान की, तुम्हारी मदद की।
- بِنَصْرِهِ: अपनी मदद से (जिसमें फ़रिश्तों की मदद भी शामिल है)।
- بِالْمُؤْمِنِينَ: ईमानवालों के द्वारा (मुहाजिरीन और अंसार)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अगर ये लोग (जिनसे तुमने संधि की है) अपनी इस संधि और शांति के झुकाव से सिर्फ़ यह चाहते हैं कि तुम्हें धोखा दें और इस बहाने से युद्ध की तैयारी करें, तो तुम बिल्कुल चिंता मत करो। अल्लाह तुम्हारे लिए काफी है, वही तुम्हें उनके धोखे और मक्कारी से बचाने के लिए पर्याप्त है। वही अल्लाह है जिसने अपनी मदद से (बद्र के दिन फ़रिश्तों के ज़रिए) तुम्हारी सहायता की और ईमानवालों (मुहाजिरीन और अंसार) के द्वारा तुम्हें शक्ति प्रदान की। उसने उनके दिलों को आपस में जोड़ दिया, जबकि वे पहले आपस में बिखरे हुए थे और उनमें दुश्मनी थी। अगर तुम दुनिया का सारा खज़ाना भी उनके दिलों को जोड़ने पर खर्च कर देते, तो भी तुम उन्हें आपस में नहीं जोड़ सकते थे, लेकिन अल्लाह ने ईमान के ज़रिए उनके दिलों को आपस में जोड़ दिया, यहाँ तक कि वे भाई बन गए और एक-दूसरे से मुहब्बत करने लगे। बेशक अल्लाह अपनी सल्तनत में ज़बरदस्त है, अपने हुक्म और तदबीर में हिकमत वाला है। वह जो चाहता है, अपनी हिकमत से करता है और किसी की मक्कारी उसके मुक़ाबले में कामयाब नहीं हो सकती।
फ़ायदे (सबक और नसीहतें):
- अल्लाह पर भरोसा ही सबसे बड़ी ताक़त है – जब इंसान अल्लाह पर पूरा भरोसा कर लेता है, तो दुश्मनों की सारी चालें और धोखे बेकार हो जाते हैं। अल्लाह अपने बंदे के लिए काफी है।
- अल्लाह की मदद अलग-अलग तरीक़ों से आती है – कभी वह फ़रिश्तों के ज़रिए मदद करता है, कभी ईमानवालों के ज़रिए, और कभी दिलों में मुहब्बत डालकर। इसलिए हमें हर हाल में अल्लाह की मदद पर यकीन रखना चाहिए।
- दिलों को जोड़ना अल्लाह के हाथ में है – चाहे कितना ही धन खर्च कर लिया जाए, इंसान दिलों को नहीं जोड़ सकता। यह अल्लाह का खास काम है। इससे हमें सीख मिलती है कि आपसी मुहब्बत और भाईचारा अल्लाह की नेमत है, जिसे हमें क़द्र करना चाहिए।
- धोखे से बचने का ज़रिया ईमान और अल्लाह का सहारा है – जो लोग अल्लाह पर भरोसा रखते हैं और ईमानवालों के साथ मिलकर रहते हैं, उन्हें दुश्मनों की साज़िशों का डर नहीं होता।
- अल्लाह की हिकमत पर भरोसा – अल्लाह हर काम हिकमत से करता है। कभी वह दुश्मनों को मौका देता है, कभी उन्हें रोकता है, लेकिन उसका हर फैसला बंदों के भले के लिए होता है।
📜 आयत 60-64 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 62
सूरा अल-अनफाल आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर वह लोग तुम्हें फरेब देना चाहे तो (कुछ…सूरा आयत 62/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


