Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَلَّفَ: मिलाना, एकत्रित करना, आपस में प्रेम और एकता स्थापित करना।
- قُلُوبِهِمْ: उनके दिल (अर्थात् मुहाजिरीन और अन्सार के दिल)।
- عَزِيزٌ: सर्वशक्तिमान, जिसे कोई पराजित न कर सके, प्रभुत्वशाली।
- حَكِيمٌ: अत्यंत तत्वदर्शी, जो हर कार्य को अपनी गहरी समझ और योजना के अनुसार करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने अपने पैग़म्बर ﷺ पर अपने महान उपकार का ज़िक्र किया है। अल्लाह ने मुहाजिरीन (मक्का से हिजरत करने वालों) और अन्सार (मदीना के सहायकों) के दिलों को आपस में जोड़ दिया। इससे पहले ये दोनों समूह (औस और ख़ज़रज) आपस में सदियों से दुश्मनी रखते थे, खूनी झगड़े और युद्ध उनकी आदत थी। लेकिन अल्लाह ने इस्लाम की बरकत से उनके दिलों में प्रेम और भाईचारा पैदा कर दिया, और वे एक दूसरे के सहारा बन गए।
अल्लाह फ़रमाता है: ऐ नबी! यदि आप धरती में मौजूद सारा धन-दौलत खर्च कर देते तो भी आप इन दिलों को आपस में नहीं जोड़ सकते थे। क्योंकि दिलों का मिलाना धन से नहीं, बल्कि अल्लाह के क़ुदरत (शक्ति) से होता है। यह कार्य केवल अल्लाह ने किया, उसने अपनी असीम शक्ति और रहमत से उनके बीच प्रेम की डोर बाँध दी। निश्चय ही अल्लाह अज़ीज़ है (अपने प्रभुत्व में सर्वशक्तिमान, कोई उसके कार्य में बाधा नहीं डाल सकता) और हकीम है (अपने हर फ़ैसले और व्यवस्था में पूर्ण ज्ञान और समझ रखता है)।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची एकता और प्रेम का स्रोत केवल अल्लाह का दीन (इस्लाम) है। धन, रिश्ते या दुनियावी मतलब से दिलों में गहरा और स्थायी प्रेम पैदा नहीं हो सकता; यह अल्लाह ही की विशेष कृपा है।
- इससे मुसलमानों को सबक मिलता है कि आपसी मनमुटाव और दुश्मनी को मिटाने का सबसे कारगर तरीका अल्लाह की राह में भाईचारा और ईमान है। जब दिल ईमान से जुड़ते हैं, तो दुनिया की कोई ताकत उन्हें अलग नहीं कर सकती।
- आयत में अल्लाह की क़ुदरत का प्रमाण है कि वह असंभव लगने वाले काम को भी कर सकता है। इसलिए हमें कठिन परिस्थितियों में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही दिलों के मालिक हैं।
- यह उम्मत के लिए एक बड़ी नेमत की याद दिलाती है कि अल्लाह ने उन्हें आपस में भाई बना दिया, इसलिए हमें इस भाईचारे को क़ायम रखने की कोशिश करनी चाहिए और किसी भी चीज़ को इस एकता में दरार नहीं डालने देना चाहिए।
📜 आयत 61-65 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 63
सूरा अल-अनफाल आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसी ने उन मुसलमानों के दिलों में बाहम ऐसी…सूरा आयत 63/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


