अल-अनफाल · 69/75
अनुवाद उच्चारण — अल-अनफाल
فَكُلُوا مِمَّا غَنِمْتُمْ حَلَالًا طَيِّبًا ۚ وَاتَّقُوا اللَّهَ ۚ إِنَّ اللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌ ۝٦٩
Fakuloo mimaa ghanimtum halaalan taiyibaa; watta qullaah; innal laaha Ghafoorur Raheem
📖 हिंदी अर्थ
उसकी सज़ा में तुम पर बड़ा अज़ाब नाज़िल होकर रहता तो (ख़ैर जो हुआ सो हुआ) अब तुमने जो माल ग़नीमत हासिल किया है उसे खाओ (और तुम्हारे लिए) हलाल तय्यब है और ख़ुदा से डरते रहो बेशक ख़ुदा बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ग़नीमत (غنمتم): युद्ध में शत्रु से प्राप्त धन-संपत्ति, हथियार आदि।
  • हलाल (حلال): जिसे अल्लाह ने अपने बंदों के लिए जायज़ किया हो।
  • तय्यिब (طيب): पाक-साफ़, अच्छा और बुराई से दूर।
  • अत्तक़वा (اتقوا): अल्लाह के आदेशों का पालन करना और उसकी मनाही से बचना।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने मोमिन बंदों को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि जो कुछ तुमने युद्ध में शत्रु से प्राप्त किया है—चाहे वह माल हो, हथियार हो या कैदियों से ली गई फ़िदया (छुड़ौती) हो—उसमें से खाओ। यह तुम्हारे लिए हलाल और पाक है। इस आयत का नाज़िल होना उस घटना के संदर्भ में है जब बद्र के युद्ध में कुछ सहाबा ने कैदियों से फ़िदया लेने में जल्दबाज़ी की, और अल्लाह ने उन्हें नरमी से समझाया कि यह तुम्हारे लिए जायज़ है।

इस हुक्म में अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर अपनी रहमत और आसानी का पहलू दिखाया है। वह चाहता है कि उसके बंदे उसकी नेमतों का आनंद लें, लेकिन साथ ही उसकी सीमाओं का ध्यान रखें। इसलिए अल्लाह फ़रमाता है: "और अल्लाह से डरो"—यानी उसके हुक्मों की पाबंदी करो, उसकी नाफ़रमानी से बचो, और अपने दिलों को उसकी याद से जोड़े रखो।

फिर अल्लाह अपनी दो खूबसूरत सिफ़ात (गुण) बयान करता है: "ग़फ़ूर" (बहुत क्षमा करने वाला) और "रहीम" (बहुत दयालु)। यह बंदों के लिए बड़ी खुशखबरी है—अगर तुमसे कोई ग़लती हो जाए, तो अल्लाह तआला तौबा करने पर उसे माफ़ कर देता है। वह अपने बंदों पर रहम करने वाला है, उन्हें सज़ा देने में जल्दबाज़ी नहीं करता।

यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में कमाई और खान-पान का तरीक़ा पाक और हलाल होना चाहिए। अल्लाह ने जो दिया है, उसमें बरकत है, और जो उसकी मनाही से बचता है, उसके लिए अल्लाह की पनाह और रहमत है। इसलिए हर मोमिन को चाहिए कि वह हलाल रिज़्क़ कमाए, अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करे, और उसके हुक्मों पर चलने की कोशिश करे। यही वह रास्ता है जो दुनिया में सुकून और आख़िरत में कामयाबी देता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 67-71 — अल-अनफाल

67مَا كَانَ لِنَبِيٍّ أَن يَكُونَ لَهُ أَسْرَىٰ حَتَّىٰ يُثْخِنَ فِي الْأَرْضِ ۚ تُرِيدُونَ عَرَضَ الدُّنْيَا وَاللَّهُ يُرِيدُ الْآخِرَةَ ۗ وَاللَّهُ عَزِيزٌ حَكِيمٌ
कोई नबी जब कि रूए ज़मीन पर (काफिरों का) खून न बहाए उसके यहाँ कैदियों का रहना मुनासिब नहीं तुम लोग तो दुनिया के साज़ो सामान के ख्वाहॉ (चाहने वाले) हो औॅर ख़ुदा (तुम्हारे लिए) आख़िरत की (भलाई) का ख्वाहॉ है और ख़ुदा ज़बरदस्त हिकमत वाला है
68لَّوْلَا كِتَابٌ مِّنَ اللَّهِ سَبَقَ لَمَسَّكُمْ فِيمَا أَخَذْتُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ
और अगर ख़ुदा की तरफ से पहले ही (उसकी) माफी का हुक्म आ चुका होता तो तुमने जो (बदर के क़ैदियों के छोड़ देने के बदले) फिदिया लिया था
69فَكُلُوا مِمَّا غَنِمْتُمْ حَلَالًا طَيِّبًا ۚ وَاتَّقُوا اللَّهَ ۚ إِنَّ اللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌ
उसकी सज़ा में तुम पर बड़ा अज़ाब नाज़िल होकर रहता तो (ख़ैर जो हुआ सो हुआ) अब तुमने जो माल ग़नीमत हासिल किया है उसे खाओ (और तुम्हारे लिए) हलाल तय्यब है और ख़ुदा से डरते रहो बेशक ख़ुदा बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
70يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ قُل لِّمَن فِي أَيْدِيكُم مِّنَ الْأَسْرَىٰ إِن يَعْلَمِ اللَّهُ فِي قُلُوبِكُمْ خَيْرًا يُؤْتِكُمْ خَيْرًا مِّمَّا أُخِذَ مِنكُمْ وَيَغْفِرْ لَكُمْ ۗ وَاللَّهُ غَفُورٌ رَّحِيمٌ
ऐ रसूल जो कैदी तुम्हारे कब्जे में है उनसे कह दो कि अगर तुम्हारे दिलों में नेकी देखेगा तो जो (माल) तुम से छीन लिया गया है उससे कहीं बेहतर तुम्हें अता फरमाएगा और तुम्हें बख्श भी देगा और ख़ुदा तो बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
71وَإِن يُرِيدُوا خِيَانَتَكَ فَقَدْ خَانُوا اللَّهَ مِن قَبْلُ فَأَمْكَنَ مِنْهُمْ ۗ وَاللَّهُ عَلِيمٌ حَكِيمٌ
और अगर ये लोग तुमसे फरेब करना चाहते है तो ख़ुदा से पहले ही फरेब कर चुके हैं तो (उसकी सज़ा में) ख़ुदा ने उन पर तुम्हें क़ाबू दे दिया और ख़ुदा तो बड़ा वाक़िफकार हिकमत वाला है
अल-अनफालकुरान सूची
75आयत
मदनीRevelation
69आयत

अनुवाद — अल-अनफाल 69

सूरा अल-अनफाल आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसकी सज़ा में तुम पर बड़ा अज़ाब नाज़िल होकर रहता…

सूरा आयत 69/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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