अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْغَيْبِ (अल-ग़ैब): वह छिपी हुई बातें जो इंसानों की समझ से परे हैं, जैसे आसमान की ख़बरें, वह़ी और प्रलय के दिन की घटनाएँ।
- بِضَنِينٍ (बि-ज़नीन): कंजूस, तंगदिल, या वह व्यक्ति जो किसी चीज़ को छिपाए और दूसरों को न दे। यहाँ इसका अर्थ है कि नबी ﷺ वह़ी पहुँचाने में कंजूसी नहीं करते।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नबी मुहम्मद ﷺ की पाक सिफ़त बयान कर रहे हैं। फ़रमाते हैं कि ये नबी ﷺ ग़ैब (छिपी हुई बातों) के बारे में कंजूस नहीं हैं। यानी जो कुछ भी अल्लाह ने उन्हें वह़ी के ज़रिए बताया — चाहे वह आसमान की ख़बरें हों, क़यामत के हालात हों, या जन्नत-जहन्नम के मंज़र — वे उसे बिल्कुल नहीं छिपाते, बल्कि पूरी अमानतदारी और खुलकर लोगों तक पहुँचाते हैं। वे न तो कोई बात छिपाते हैं और न ही उसमें कमी करते हैं। यह भी स्पष्ट किया गया कि नबी ﷺ इस रिसालत (पैग़ाम) के बदले लोगों से कोई मेहनताना या इनाम नहीं माँगते, जैसा कि काहिन (ज्योतिषी) और झूठे दावेदार किया करते हैं। बल्कि वे सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए लोगों को सीधा रास्ता दिखाते हैं।
यह आयत नबी ﷺ की सबसे बड़ी खूबी — अमानत और सच्चाई — को उजागर करती है। अल्लाह ने उन्हें जो इल्म दिया, उसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से उम्मत तक पहुँचाया। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि हमें ऐसा नबी मिला जिसने हर छिपी बात हमें सिखाई, और हम पर कोई बात तंगी से नहीं रखी। इससे हमें यह सबक मिलता है कि हमें भी दीन की बातें दूसरों तक पहुँचाने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए, और जो इल्म हमें मिला है, उसे बाँटना चाहिए। यह आयत हमें नबी ﷺ से मुहब्बत और उनके पैग़ाम पर भरोसा करने की तरफ़ बुलाती है, क्योंकि जो शख्स इतना सच्चा और अमानतदार हो, उसकी लाई हुई बात पर पूरा यक़ीन करना ही अक्लमंदी है।
📜 आयत 22-26 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 24
सूरा अत-तकवीर आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह ग़ैब की बातों के ज़ाहिर करने में बख़ील…सूरा आयत 24/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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