अत-तकवीर · 9/29
अनुवाद उच्चारण — अत-तकवीर
بِأَيِّ ذَنبٍ قُتِلَتْ ۝٩
Bi ayyi zambin qutilat
📖 हिंदी अर्थ
कि वह किस गुनाह के बदले मारी गयी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • بِأَيِّ ذَنبٍ: किस अपराध के कारण
  • قُتِلَتْ: उसे मार डाला गया (यहाँ ज़म्हरीरी लड़की का ज़िक्र है जिसे ज़िंदा दफ़न किया गया था)

तफ़सीर:

यह आयत क़यामत के दिन के उस भयानक दृश्य का वर्णन कर रही है जब अल्लाह तआला उस मासूम लड़की से पूछेगा जिसे ज़िंदा दफ़न किया गया था। यह प्रश्न उस लड़की के प्रति न्याय और उसके अपराधियों के लिए फटकार के रूप में होगा। अल्लाह उससे पूछेगा: "तेरी हत्या किस अपराध के कारण की गई?" — यानी तूने ऐसा कौन सा गुनाह किया था जिसकी सज़ा में तुझे ज़िंदा दफ़न किया गया?

यह प्रश्न उस ज़ालिम समाज के लिए सबसे बड़ी फटकार है जो अपनी बेटियों को ज़िंदा दफ़न कर दिया करता था। अरब के जाहिलिया काल में यह घिनौनी प्रथा प्रचलित थी कि लोग शर्म और ग़रीबी के डर से अपनी नवजात बेटियों को ज़िंदा दफ़न कर देते थे। इस आयत में अल्लाह तआला उस मासूम लड़की से पूछकर उसके हत्यारों को शर्मसार कर रहा है।

इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि इस्लाम ने महिलाओं को सम्मान दिया और उनके साथ होने वाले हर प्रकार के अन्याय को समाप्त किया। आज भी कुछ समाजों में बेटियों के साथ भेदभाव किया जाता है, उन्हें कमतर समझा जाता है, या उनके जन्म पर खुशी नहीं मनाई जाती। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के यहाँ हर इंसान — चाहे वह लड़का हो या लड़की — बराबर है, और उसके साथ किया गया अन्याय अल्लाह से छिपा नहीं रहेगा।

क़यामत के दिन यह प्रश्न केवल उस लड़की से नहीं होगा, बल्कि हर मज़लूम (अत्याचारित) व्यक्ति से अल्लाह इंसाफ़ के साथ पेश आएगा। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम किसी पर ज़ुल्म न करें, क्योंकि अल्लाह के यहाँ हर ज़ुल्म का हिसाब होगा। साथ ही, यह उन मज़लूमों के लिए तसल्ली है कि उनका इंसाफ़ अल्लाह के यहाँ अवश्य होगा, चाहे दुनिया में उन्हें कितना भी सताया गया हो।

इस आयत की रौशनी में हमें अपने समाज में बेटियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए, उन्हें शिक्षा देनी चाहिए, उनके अधिकार देना चाहिए और उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखना चाहिए। रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: "जिसके पास बेटी हो और वह उसे ज़िंदा दफ़न न करे, उसका अपमान न करे, और बेटों पर उसे तरजीह न दे, अल्लाह उसे जन्नत में दाखिल करेगा।" (अबू दाऊद) — यह दिखाता है कि इस्लाम में बेटियों की देखभाल और उनके साथ अच्छा व्यवहार कितना बड़ा इनाम रखता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 7-11 — अत-तकवीर

7وَإِذَا النُّفُوسُ زُوِّجَتْ
और जिस वक्त रुहें हवियों से मिला दी जाएंगी
8وَإِذَا الْمَوْءُودَةُ سُئِلَتْ
और जिस वक्त ज़िन्दा दर गोर लड़की से पूछा जाएगा
9بِأَيِّ ذَنبٍ قُتِلَتْ
कि वह किस गुनाह के बदले मारी गयी
10وَإِذَا الصُّحُفُ نُشِرَتْ
और जिस वक्त (आमाल के) दफ्तर खोले जाएं
11وَإِذَا السَّمَاءُ كُشِطَتْ
और जिस वक्त आसमान का छिलका उतारा जाएगा
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अनुवाद — अत-तकवीर 9

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Tuesday, August 18, 2026

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