अल-इन्फितार · 10/19
अनुवाद उच्चारण — अल-इन्फितार
وَإِنَّ عَلَيْكُمْ لَحَافِظِينَ ۝١٠
Wa inna `alaikum lahaa fizeen
📖 हिंदी अर्थ
हालॉकि तुम पर निगेहबान मुक़र्रर हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَحَافِظِينَ: निगरानी करने वाले, रक्षक, जो हर काम को लिखते और संरक्षित करते हैं।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत मुक़द्दस क़ुरआन की सूरह अल-इन्फितार की है, जिसमें अल्लाह तआला इंसान को याद दिलाता है कि तुम जो कुछ भी करते हो, वह आँखों से छिपा नहीं है। तुम्हारे ऊपर अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते तैनात हैं, जो हर वक़्त तुम्हारी निगरानी करते हैं। ये फ़रिश्ते बड़े मुकर्रम (सम्मानित) और करीम (प्रतिष्ठित) हैं, और ये तुम्हारे हर अच्छे और बुरे काम को लिखते जाते हैं। तुम्हारी कोई भी गतिविधि, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, चाहे तुम उसे छिपाकर करो या खुलेआम, इन फ़रिश्तों से छिपी नहीं रहती। वे तुम्हारे हर अमल को दर्ज करते हैं, यहाँ तक कि तुम्हारे दिल के इरादों और छुपी हुई बातों का भी उन्हें पता चलता रहता है।

यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो यह समझते हैं कि वे आज़ाद हैं और उन पर कोई निगरानी नहीं है। वे सोचते हैं कि उनके कर्मों का कोई हिसाब नहीं होगा, और वे बेख़ौफ़ होकर गुनाह करते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है: "नहीं, ऐसा नहीं है! तुम्हारे ऊपर हिफ़ाज़त करने वाले फ़रिश्ते मुक़र्रर हैं, जो तुम्हारे हर काम को लिख रहे हैं।"

यहाँ से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी ज़िंदगी में हर वक़्त यह एहसास रखना चाहिए कि अल्लाह हमें देख रहा है, और उसके फ़रिश्ते हमारे हर अमल को दर्ज कर रहे हैं। यह एहसास हमें गुनाहों से बचाता है और नेक कामों की तरफ़ राग़िब करता है। जब हमें पता है कि हमारा हर काम लिखा जा रहा है, तो हमें चाहिए कि हम केवल वही काम करें जो अल्लाह को पसंद है, और उन कामों से बचें जो उसकी नाराज़गी का कारण बनते हैं।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह तआला ने हमें अकेला नहीं छोड़ा है, बल्कि उसने हमारी हिफ़ाज़त के लिए फ़रिश्ते तैनात किए हैं। यह हमारे लिए एक बड़ी रहमत है कि हमारे अच्छे कामों को लिखा जा रहा है, ताकि क़ियामत के दिन हमें उनका पूरा बदला मिल सके। और जो लोग गुनाह करते हैं, उनके लिए यह एक चेतावनी है कि उनके बुरे काम भी दर्ज हो रहे हैं, और उन्हें उनका हिसाब देना होगा।

तो ऐ इंसान! अपने रब की तरफ़ लौट आ, अपने अमल को सुधार ले, और याद रख कि तू अकेला नहीं है — तेरे ऊपर अल्लाह के निगरान रखने वाले फ़रिश्ते मौजूद हैं, जो तेरे हर क़दम को देख रहे हैं। यही तेरी कामयाबी की कुंजी है।



📜 आयत 8-12 — अल-इन्फितार

8فِي أَيِّ صُورَةٍ مَّا شَاءَ رَكَّبَكَ
और जिस सूरत में उसने चाहा तेरे जोड़ बन्द मिलाए
9كَلَّا بَلْ تُكَذِّبُونَ بِالدِّينِ
हाँ बात ये है कि तुम लोग जज़ा (के दिन) को झुठलाते हो
10وَإِنَّ عَلَيْكُمْ لَحَافِظِينَ
हालॉकि तुम पर निगेहबान मुक़र्रर हैं
11كِرَامًا كَاتِبِينَ
बुर्ज़ुग लोग (फरिश्ते सब बातों को) लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन)
12يَعْلَمُونَ مَا تَفْعَلُونَ
जो कुछ तुम करते हो वह सब जानते हैं
अल-इन्फितारकुरान सूची
19आयत
मक्कीRevelation
10आयत

अनुवाद — अल-इन्फितार 10

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Tuesday, August 18, 2026

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