Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَلَّىٰ: (ईमान से) मुँह मोड़ लिया, पीठ फेर ली
- وَكَفَرَ: और कुफ़्र किया, इनकार किया
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को तसल्ली देते हुए फ़रमाते हैं कि ऐ नबी! आप केवल नसीहत करने वाले हैं, लोगों को ईमान लाने पर मजबूर करना आपका काम नहीं। लेकिन जो व्यक्ति आपकी नसीहत और दावत से मुँह मोड़ ले, ईमान से पीठ फेर ले और क़ुरआन व रिसालत का इनकार करते हुए कुफ़्र पर अड़ा रहे, तो उसका हिसाब अल्लाह के सुपुर्द है।
ऐसे लोगों के लिए अल्लाह तआला ने सख्त से सख्त अज़ाब तैयार किया है। वे दुनिया में भले ही अपने कुफ़्र और अकड़ से खुश नज़र आएं, लेकिन आख़िरत में उन्हें जहन्नुम की आग में झोंक दिया जाएगा, जहाँ न कोई दोस्त उन्हें बचा सकेगा और न ही कोई सिफ़ारिशी काम आएगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि हिदायत देना हमारा काम है, लेकिन हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है। हमें चाहिए कि हम लोगों को भलाई की तरफ बुलाते रहें, नसीहत करते रहें, लेकिन अगर कोई ईमान से मुँह मोड़े तो हमें निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अपना फर्ज़ निभाते रहना चाहिए। अल्लाह तआला हर एक को उसके आमाल का पूरा बदला देने वाला है।
याद रखिए! यह दुनिया इम्तिहान की जगह है। जो लोग यहाँ अल्लाह की नसीहत से मुँह मोड़ते हैं और कुफ़्र पर अड़े रहते हैं, वे अपने लिए बड़ा नुक़सान कमाते हैं। लेकिन जो लोग नसीहत क़बूल करते हैं और ईमान लाते हैं, उनके लिए जन्नत की नेअमतें हैं जिनका कोई अंत नहीं। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 23
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हाँ जिसने मुँह फेर लियासूरा आयत 23/26 — सूरा अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-ग़ाशिया सुनें, सूरा अल-ग़ाशिया अनुवाद, सूरा अल-ग़ाशिया mp3, सूरा अल-ग़ाशिया pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-ग़ाशिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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