अल-ग़ाशिया · 22/26
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-ग़ाशिया
لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍ ۝٢٢
Lasta `alaihim bimusaitir
📖 हिंदी अर्थ
तुम कुछ उन पर दरोग़ा तो हो नहीं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • بِمُصَيْطِرٍ: अर्थात कोई ऐसा व्यक्ति जो तुम पर उन्हें नियंत्रित करने, बलपूर्वक ईमान लाने पर मजबूर करने, या उनके कर्मों का हिसाब लेने के लिए नियुक्त किया गया हो।

तफसीर:

ऐ नबी! आप उन लोगों को नसीहत करते रहिए जो आपके संदेश से मुँह मोड़ते हैं, और उनके इनकार पर दुखी न हों। आपका काम केवल उन्हें सत्य का उपदेश देना और सीधा रास्ता दिखाना है। आप उन पर कोई अधिकार नहीं रखते कि उन्हें ज़बरदस्ती ईमान लाने पर मजबूर करें। ईमान दिल की चीज़ है, जो केवल अल्लाह की मर्ज़ी से आता है। आपकी ज़िम्मेदारी सिर्फ संदेश पहुँचाना है, और उनका हिसाब अल्लाह के सुपुर्द है।

यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में किसी को धर्म स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं किया जाता। हमारा कर्तव्य है कि हम अच्छे आचरण और प्रभावशाली उपदेश के माध्यम से लोगों को सत्य की ओर बुलाएँ, और परिणाम अल्लाह पर छोड़ दें। यही वह सुंदर शिक्षा है जो इस्लाम को एक शांतिपूर्ण और तर्कसंगत धर्म बनाती है। जब हम यह समझ जाते हैं कि हमारा काम केवल संदेश पहुँचाना है, तो हमारे दिल से निराशा और क्रोध समाप्त हो जाता है, और हम अल्लाह की रहमत पर भरोसा करके अपने दायित्व का पालन करते हैं। याद रखिए, अल्लाह ने आपको एक रहमत बनाकर भेजा है, और आपका उज्ज्वल उदाहरण ही लोगों के दिलों को छूने का सबसे बड़ा माध्यम है।



📜 आयत 20-24 — सूरा अल-ग़ाशिया

20وَإِلَى الْأَرْضِ كَيْفَ سُطِحَتْ
और ज़मीन की तरफ कि किस तरह बिछायी गयी है
21فَذَكِّرْ إِنَّمَا أَنتَ مُذَكِّرٌ
तो तुम नसीहत करते रहो तुम तो बस नसीहत करने वाले हो
22لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍ
तुम कुछ उन पर दरोग़ा तो हो नहीं
23إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ
हाँ जिसने मुँह फेर लिया
24فَيُعَذِّبُهُ اللَّهُ الْعَذَابَ الْأَكْبَرَ
और न माना तो ख़ुदा उसको बहुत बड़े अज़ाब की सज़ा देगा
अल-ग़ाशियाकुरान सूची
26आयत
मक्कीअवतरण स्थान
22आयत

अनुवाद — अल-ग़ाशिया 22

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Thursday, October 1, 2026

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