अल-फज्र · 12/30
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-फज्र
فَأَكْثَرُوا فِيهَا الْفَسَادَ ۝١٢
Fa aksaroo feehal fasaad
📖 हिंदी अर्थ
और उनमें बहुत से फ़साद फैला रखे थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَأَكْثَرُوا: उन्होंने बहुत अधिक बढ़ा दिया
  • الْفَسَادَ: विनाश, बिगाड़, अव्यवस्था, ज़ुल्म और गुनाह

तफ़सीर (व्याख्या):

इन ज़ालिम क़ौमों ने — जिनका ज़िक्र पिछली आयात में हुआ — अल्लाह की ज़मीन में खूब फ़साद फैलाया। उन्होंने कुफ़्र, शिर्क, ज़ुल्म, क़त्ल-ओ-ख़ून, और हर तरह की बुराई को आम कर दिया। उनका फ़साद सिर्फ़ एक दो कामों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने हद से बढ़कर ज़मीन में बिगाड़ पैदा किया — लोगों को गुमराह किया, कमज़ोरों पर ज़ुल्म किया, और अल्लाह की नाफ़रमानी में कोई कसर नहीं छोड़ी।

ये वे लोग थे जिन्होंने अल्लाह की नेमतों का ग़लत इस्तेमाल किया और अपनी ताक़त और सरकशी के बल पर फ़साद फैलाया। उन्होंने सोचा कि वे कभी पकड़े नहीं जाएँगे, लेकिन अल्लाह उन्हें देख रहा था और उनकी हर हरकत का हिसाब रख रहा था।

नसीहत और दावत का पहलू:

ये आयत हमें बहुत बड़ी सीख देती है — अल्लाह की ज़मीन पर फ़साद फैलाने वालों का अंजाम हमेशा बुरा होता है। चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। अल्लाह उन्हें मोहलत देता है, लेकिन फिर उन्हें ऐसे पकड़ता है जैसे कोई ज़ालिम हुक्मरान अपने दुश्मन को पकड़ता है।

हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में फ़साद से बचें — चाहे वह ज़मीन में बिगाड़ हो, लोगों के बीच नफ़रत फैलाना हो, या अल्लाह की नाफ़रमानी हो। इसके बजाय हमें इमारत (सुधार) का काम करना चाहिए — नेकी फैलाना, लोगों की मदद करना, और अल्लाह की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारना। याद रखें, अल्लाह हर काम देख रहा है, और वह अपने बंदों के साथ इंसाफ़ करने वाला है। जो लोग फ़साद फैलाते हैं, उनके लिए अल्लाह की तरफ से सख्त सज़ा है, और जो लोग नेकी करते हैं, उनके लिए बेहतरीन इनाम है।



📜 आयत 10-14 — सूरा अल-फज्र

10وَفِرْعَوْنَ ذِي الْأَوْتَادِ
और फिरऔन के साथ (क्या किया) जो (सज़ा के लिए) मेख़े रखता था
11الَّذِينَ طَغَوْا فِي الْبِلَادِ
ये लोग मुख़तलिफ़ शहरों में सरकश हो रहे थे
12فَأَكْثَرُوا فِيهَا الْفَسَادَ
और उनमें बहुत से फ़साद फैला रखे थे
13فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍ
तो तुम्हारे परवरदिगार ने उन पर अज़ाब का कोड़ा लगाया
14إِنَّ رَبَّكَ لَبِالْمِرْصَادِ
बेशक तुम्हारा परवरदिगार ताक में है
अल-फज्रकुरान सूची
30आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अल-फज्र 12

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Monday, September 28, 2026

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