अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَأَكْثَرُوا: उन्होंने बहुत अधिक बढ़ा दिया
- الْفَسَادَ: विनाश, बिगाड़, अव्यवस्था, ज़ुल्म और गुनाह
तफ़सीर (व्याख्या):
इन ज़ालिम क़ौमों ने — जिनका ज़िक्र पिछली आयात में हुआ — अल्लाह की ज़मीन में खूब फ़साद फैलाया। उन्होंने कुफ़्र, शिर्क, ज़ुल्म, क़त्ल-ओ-ख़ून, और हर तरह की बुराई को आम कर दिया। उनका फ़साद सिर्फ़ एक दो कामों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने हद से बढ़कर ज़मीन में बिगाड़ पैदा किया — लोगों को गुमराह किया, कमज़ोरों पर ज़ुल्म किया, और अल्लाह की नाफ़रमानी में कोई कसर नहीं छोड़ी।
ये वे लोग थे जिन्होंने अल्लाह की नेमतों का ग़लत इस्तेमाल किया और अपनी ताक़त और सरकशी के बल पर फ़साद फैलाया। उन्होंने सोचा कि वे कभी पकड़े नहीं जाएँगे, लेकिन अल्लाह उन्हें देख रहा था और उनकी हर हरकत का हिसाब रख रहा था।
नसीहत और दावत का पहलू:
ये आयत हमें बहुत बड़ी सीख देती है — अल्लाह की ज़मीन पर फ़साद फैलाने वालों का अंजाम हमेशा बुरा होता है। चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों, अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। अल्लाह उन्हें मोहलत देता है, लेकिन फिर उन्हें ऐसे पकड़ता है जैसे कोई ज़ालिम हुक्मरान अपने दुश्मन को पकड़ता है।
हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में फ़साद से बचें — चाहे वह ज़मीन में बिगाड़ हो, लोगों के बीच नफ़रत फैलाना हो, या अल्लाह की नाफ़रमानी हो। इसके बजाय हमें इमारत (सुधार) का काम करना चाहिए — नेकी फैलाना, लोगों की मदद करना, और अल्लाह की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारना। याद रखें, अल्लाह हर काम देख रहा है, और वह अपने बंदों के साथ इंसाफ़ करने वाला है। जो लोग फ़साद फैलाते हैं, उनके लिए अल्लाह की तरफ से सख्त सज़ा है, और जो लोग नेकी करते हैं, उनके लिए बेहतरीन इनाम है।
📜 आयत 10-14 — अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 12
सूरा अल-फज्र आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनमें बहुत से फ़साद फैला रखे थेसूरा आयत 12/30 — अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








