अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَصَبَّ: बहा दिया, उँडेल दिया
- سَوْطَ عَذَابٍ: यातना का कोड़ा (अर्थात सख्त और दर्दनाक यातना)
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने उन ज़ालिमों और सरकश लोगों पर अपनी यातना का कोड़ा बरसा दिया। ये वही लोग थे जिन्होंने अल्लाह की ज़मीन पर ज़ुल्म और फसाद फैलाया, हद से आगे बढ़ गए और अपने नबियों को झुठलाया। जब उनकी सरकशी हद से बढ़ गई, तो अल्लाह रबुल-इज़्ज़त ने उन पर अपना सख्त अज़ाब नाज़िल किया — ऐसी यातना जिसने उन्हें जड़ से उखाड़ दिया और उनका नामो-निशान मिटा दिया।
यहाँ "सौत" (कोड़ा) का ज़िक्र इसलिए किया गया है कि जिस तरह कोड़ा मारने पर शरीर पर दर्दनाक निशान पड़ जाते हैं, उसी तरह अल्लाह की यातना ने उन ज़ालिमों पर ऐसे निशान छोड़े जो उनके लिए रसूल बन गए। यह यातना अलग-अलग रूपों में आई — किसी पर पत्थरों की बारिश हुई, किसी पर चीख़ (सैहा) नाज़िल हुई, किसी को ज़मीन में धँसा दिया गया और किसी को पानी में डुबो दिया गया।
दावत और नसीहत:
ऐ अल्लाह के बंदो! यह क़ुरआन का वह पैग़ाम है जो हमें सचेत करता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। वह ज़ालिमों को देर देता है, लेकिन उन्हें भूलता नहीं। जब वह पकड़ता है, तो ऐसी पकड़ता है कि कोई बच नहीं सकता। लेकिन साथ ही, अल्लाह रहमत वाला भी है — जो कोई अपने गुनाहों से तौबा कर ले, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यह क़िस्से हमारे लिए सबक़ हैं कि हम ज़ुल्म और सरकशी से बचें, अल्लाह के हुक्मों का पालन करें और उसकी रहमत के तलबगार बनें। अल्लाह का वादा है कि जो उससे डरे और नेकी करे, उसके लिए ऐसी ज़िंदगी है जिसमें कोई खौफ़ और ग़म नहीं।
📜 आयत 11-15 — अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 13
सूरा अल-फज्र आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम्हारे परवरदिगार ने उन पर अज़ाब का कोड़ा लगायासूरा आयत 13/30 — अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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