अल-फज्र · 13/30
अनुवाद उच्चारण — अल-फज्र
فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍ ۝١٣
Fasabba `alaihim Rabbuka sawta `azaab
📖 हिंदी अर्थ
तो तुम्हारे परवरदिगार ने उन पर अज़ाब का कोड़ा लगाया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَصَبَّ: बहा दिया, उँडेल दिया
  • سَوْطَ عَذَابٍ: यातना का कोड़ा (अर्थात सख्त और दर्दनाक यातना)

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने उन ज़ालिमों और सरकश लोगों पर अपनी यातना का कोड़ा बरसा दिया। ये वही लोग थे जिन्होंने अल्लाह की ज़मीन पर ज़ुल्म और फसाद फैलाया, हद से आगे बढ़ गए और अपने नबियों को झुठलाया। जब उनकी सरकशी हद से बढ़ गई, तो अल्लाह रबुल-इज़्ज़त ने उन पर अपना सख्त अज़ाब नाज़िल किया — ऐसी यातना जिसने उन्हें जड़ से उखाड़ दिया और उनका नामो-निशान मिटा दिया।

यहाँ "सौत" (कोड़ा) का ज़िक्र इसलिए किया गया है कि जिस तरह कोड़ा मारने पर शरीर पर दर्दनाक निशान पड़ जाते हैं, उसी तरह अल्लाह की यातना ने उन ज़ालिमों पर ऐसे निशान छोड़े जो उनके लिए रसूल बन गए। यह यातना अलग-अलग रूपों में आई — किसी पर पत्थरों की बारिश हुई, किसी पर चीख़ (सैहा) नाज़िल हुई, किसी को ज़मीन में धँसा दिया गया और किसी को पानी में डुबो दिया गया।

दावत और नसीहत:

ऐ अल्लाह के बंदो! यह क़ुरआन का वह पैग़ाम है जो हमें सचेत करता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। वह ज़ालिमों को देर देता है, लेकिन उन्हें भूलता नहीं। जब वह पकड़ता है, तो ऐसी पकड़ता है कि कोई बच नहीं सकता। लेकिन साथ ही, अल्लाह रहमत वाला भी है — जो कोई अपने गुनाहों से तौबा कर ले, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यह क़िस्से हमारे लिए सबक़ हैं कि हम ज़ुल्म और सरकशी से बचें, अल्लाह के हुक्मों का पालन करें और उसकी रहमत के तलबगार बनें। अल्लाह का वादा है कि जो उससे डरे और नेकी करे, उसके लिए ऐसी ज़िंदगी है जिसमें कोई खौफ़ और ग़म नहीं।



📜 आयत 11-15 — अल-फज्र

11الَّذِينَ طَغَوْا فِي الْبِلَادِ
ये लोग मुख़तलिफ़ शहरों में सरकश हो रहे थे
12فَأَكْثَرُوا فِيهَا الْفَسَادَ
और उनमें बहुत से फ़साद फैला रखे थे
13فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍ
तो तुम्हारे परवरदिगार ने उन पर अज़ाब का कोड़ा लगाया
14إِنَّ رَبَّكَ لَبِالْمِرْصَادِ
बेशक तुम्हारा परवरदिगार ताक में है
15فَأَمَّا الْإِنسَانُ إِذَا مَا ابْتَلَاهُ رَبُّهُ فَأَكْرَمَهُ وَنَعَّمَهُ فَيَقُولُ رَبِّي أَكْرَمَنِ
लेकिन इन्सान जब उसको उसका परवरदिगार (इस तरह) आज़माता है कि उसको इज्ज़त व नेअमत देता है, तो कहता है कि मेरे परवरदिगार ने मुझे इज्ज़त दी है
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अनुवाद — अल-फज्र 13

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Tuesday, August 18, 2026

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