Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَلَّوْا – यानी वे मुँह मोड़ लें, ईमान लाने से इनकार कर दें।
- حَسْبِيَ – मेरे लिए काफ़ी है, मुझे बस यही पर्याप्त है।
- تَوَكَّلْتُ – मैंने भरोसा किया, अपने सारे मामले उसे सौंप दिए।
- الْعَرْشِ الْعَظِيمِ – महान सिंहासन, जो सारी मख़लूक़ात (सृष्टि) में सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अगर ये मुशरिक और मुनाफ़िक़ लोग आपकी बात मानने और ईमान लाने से मुँह मोड़ लें, तो आप उनसे कह दीजिए: "मेरे लिए अल्लाह ही काफ़ी है।" वही मेरी हर परेशानी और हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है। उसके सिवा कोई सच्चा माबूद (पूज्य) नहीं। मैंने अपना पूरा भरोसा सिर्फ़ उसी पर किया है, और अपने सारे मामले उसी के हवाले कर दिए हैं। वही मेरा मददगार और रक्षक है। वही उस महान अर्श (सिंहासन) का मालिक है, जो सारी मख़लूक़ात से बड़ा और ऊँचा है — और जो उस अर्श का रब है, वही हर चीज़ पर पूरी ताक़त रखता है।
फ़ायदे (सीख):
- मुसीबत और मुश्किल के वक़्त में सिर्फ़ अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए — वही काफ़ी है, कोई और हमें बचा नहीं सकता।
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया के किसी भी डर या ताक़त के आगे घुटने नहीं टेकने चाहिए; अल्लाह की ताक़त सबसे बड़ी है।
- अल्लाह का ज़िक्र "रब्बुल अर्शिल अज़ीम" करके हमें याद दिलाया गया है कि उसकी सल्तनत और कुदरत हर चीज़ से ऊपर है, इसलिए उसी से मदद माँगनी चाहिए।
- यह आयत हर उस इंसान के लिए तसल्ली का ज़रिया है जो अकेला पड़ जाए या दुश्मनों से घिर जाए — अल्लाह का सहारा सबसे मज़बूत सहारा है।
- तौहीद (एकेश्वरवाद) का पैग़ाम — कि कोई माबूद नहीं सिवाय अल्लाह के — हमारे दिल में जड़ें जमाए, और हमारी ज़िंदगी का हर काम इसी ईमान पर हो।
📜 आयत 127-129 — सूरा अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 129
सूरा अत-तौबा आयत 129 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल अगर इस पर भी ये लोग (तुम्हारे हुक्म…सूरा आयत 129/129 — सूरा अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तौबा सुनें, सूरा अत-तौबा अनुवाद, सूरा अत-तौबा mp3, सूरा अत-तौबा pdf. आयत 127–129. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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