अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُولَٰئِكَ (ओले-इक): ये लोग
- أَصْحَابُ الْمَيْمَنَةِ (अस्हाबुल मैमनाह): दाहिने हाथ वाले, यानी सौभाग्यशाली और सफल लोग
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का ज़िक्र कर रहे हैं जिन्होंने पिछली आयात में बताए गए कठिन कार्यों को किया—गर्दन छुड़ाना, अनाथों और मुहताजों को खाना खिलाना, ईमान लाना, सब्र और रहम की ताकीद करना। अल्लाह फ़रमाता है कि यही लोग "अस्हाबुल मैमनाह" हैं, यानी दाहिने हाथ वाले।
क़यामत के दिन जब सारे इंसान अपने कर्मों के हिसाब से दो गिरोहों में बंट जाएँगे—एक दाहिनी तरफ़ (जन्नत की तरफ़) और एक बाईं तरफ़ (जहन्नम की तरफ़)—तो ये नेक लोग दाहिनी तरफ़ होंगे। यह उनके लिए सम्मान, सफलता और अल्लाह की रहमत की निशानी है। दाहिना हाथ इस्लामी संस्कृति में बरकत, अच्छाई और सम्मान का प्रतीक है, और इन लोगों को यह मरतबा उनके अच्छे आचरण और ईमान की वजह से मिलेगा।
यह आयत हमें बताती है कि असली कामयाबी दुनिया के माल-दौलत या ओहदे में नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसके दीन पर चलने में है। जो लोग दूसरों की मदद करते हैं, ईमान को अपनी ज़िंदगी का आधार बनाते हैं, और सब्र के साथ दूसरों पर रहम करते हैं, वही अल्लाह के यहाँ इज़्ज़त वाले हैं।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बड़ी खुशखबरी देती है कि अल्लाह उन लोगों को कभी नाकाम नहीं करता जो उसकी राह में भलाई करते हैं। आज हम जो छोटे-छोटे नेक काम करते हैं—किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी अनाथ का सहारा बनना, किसी ज़रूरतमंद की मदद करना—यह सब क़यामत के दिन हमारे लिए रोशनी बनेगा और हमें दाहिने हाथ वालों में शामिल करेगा। अल्लाह हम सबको इस नेक राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 16-20 — अल-बलद
अनुवाद — अल-बलद 18
सूरा अल-बलद आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही लोग ख़ुश नसीब हैंसूरा आयत 18/20 — अल-बलद البلد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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