अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اقْرَأْ (इक़रा): पढ़िए, पढ़कर सुनाइए।
- بِاسْمِ (बिस्मि): नाम से, नाम लेकर, शुरू करते हुए।
- رَبِّكَ (रब्बिक): आपके पालनहार, आपके रब।
- الَّذِي خَلَقَ (अल्लज़ी ख़लक़): जिसने पैदा किया, जो सृष्टिकर्ता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस पवित्र कुरआन की पहली आयत है जो अल्लाह तआला ने अपने आख़िरी नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ पर उतारी। इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी को संबोधित करते हुए कहता है: "पढ़िए!" यह आदेश केवल पढ़ने का नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे युग की शुरुआत है जिसने पूरी दुनिया को बदलकर रख दिया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि आप उस कुरआन को पढ़िए जो आप पर उतारा जा रहा है, और इसकी शुरुआत अपने रब के नाम से कीजिए।
यहाँ "बिस्मि रब्बिक" (अपने रब के नाम से) का विशेष महत्व है। अरब के लोग जब कोई काम शुरू करते थे, तो अपने देवी-देवताओं और बुतों के नाम लेते थे। अल्लाह तआला ने यह सिखाया कि हर काम की शुरुआत उसी रब के नाम से होनी चाहिए जिसने सारी सृष्टि को पैदा किया। इसके बाद अल्लाह तआला अपनी उस सिफ़ात (विशेषता) का ज़िक्र करता है जिसमें कोई उसका साझी नहीं हो सकता — वह है "ख़ल्क़" (सृष्टि करना)। बुत और मूर्तियाँ न तो किसी को पैदा कर सकती हैं और न ही किसी को रिज़्क़ दे सकती हैं। केवल अल्लाह ही है जिसने हर इंसान को पैदा किया, और हर इंसान की पैदाइश की शुरुआत एक छोटी-सी बूँद और ख़ून के लोथड़े से की।
इस आयत में एक बहुत बड़ा संदेश छिपा है — वह यह कि इल्म (ज्ञान) और पढ़ाई इस्लाम की पहली बुनियाद है। अल्लाह तआला ने अपने नबी को सबसे पहले "पढ़ने" का हुक्म दिया, और यही इस्लाम की रूह है। इस आयत से हमें सीख मिलती है कि हर काम की शुरुआत अल्लाह के नाम से करनी चाहिए। जब हम किसी काम को अल्लाह के नाम से शुरू करते हैं, तो उसमें बरकत होती है, और हमें ताक़त मिलती है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमारा रब वही है जिसने हमें पैदा किया, हमें आकार दिया, हमें ज़िंदगी दी। वही हमारा पालनहार है, वही हमारा मालिक है। जब हम यह समझ लेते हैं कि हमारा रब सृष्टिकर्ता है, तो हमारे दिल में उसकी महानता और उसके प्रति प्रेम पैदा होता है। हम उसी की इबादत करते हैं, उसी से मदद माँगते हैं, और उसी पर भरोसा करते हैं।
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक प्यारा संदेश है जो सच्चाई की तलाश में है — कि सच्चा रब वही है जिसने सब कुछ पैदा किया। वही क़ाबिले-इबादत है। उसी के नाम से शुरुआत करो, और उसी की तरफ़ रुजू करो। यही कामयाबी की राह है।
📜 आयत 1-3 — अल-अलक
अनुवाद — अल-अलक 1
सूरा अल-अलक आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) अपने परवरदिगार का नाम लेकर पढ़ो जिसने हर…सूरा आयत 1/19 — अल-अलक العلق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अलक सुनें, अल-अलक अनुवाद, अल-अलक mp3, अल-अलक pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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