अल-अलक · 12/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अलक
أَوْ أَمَرَ بِالتَّقْوَىٰ ۝١٢
Au amara bit taqwaa
📖 हिंदी अर्थ
(तो रोकना कैसा)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَوْ أَمَرَ بِالتَّقْوَىٰ – या उसने तक़वा (परहेज़गारी) का आदेश दिया।

व्याख्या:

इस आयत में अल्लाह तआला उस ज़ालिम इंसान (अबू जहल) की मज़म्मत कर रहा है, जो अल्लाह के बंदे (नबी मुहम्मद ﷺ) को नमाज़ पढ़ने से रोकता था। अल्लाह फ़रमाता है: “क्या तूने उस शख्स को देखा जो रोकता है अल्लाह के बंदे को जब वह नमाज़ पढ़ता है?” फिर अल्लाह तआला दो सवाल पूछता है: “भला बता तो, अगर वह (नबी) हिदायत पर हो, या वह लोगों को तक़वा (परहेज़गारी) का हुक्म देता हो, तो क्या यह रोकना उचित है?”

यानी अगर कोई इंसान खुद हिदायत पर हो और दूसरों को भी अच्छाई और परहेज़गारी की तरफ बुलाता हो, तो क्या उसे रोकना किसी भी लिहाज़ से जायज़ हो सकता है? हरगिज़ नहीं! यह सबसे बड़ी ज़ुल्म और सरकशी है कि एक नेक इंसान को उसकी नेकी से रोका जाए।

यह आयत हमें सिखाती है कि हक़ और सच्चाई की राह पर चलने वालों को कभी नहीं रोकना चाहिए, बल्कि उनका साथ देना चाहिए। और जो लोग दूसरों को नेकी और तक़वा की तरफ बुलाते हैं, वे अल्लाह के बहुत प्यारे बंदे होते हैं। अल्लाह तआला उनकी हिफ़ाज़त करता है और उन्हें कामयाबी देता है।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें खुद भी तक़वा (परहेज़गारी) अपनाना चाहिए और दूसरों को भी इसकी तरफ बुलाना चाहिए। तक़वा ही वह चीज़ है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत में कामयाबी देती है। अल्लाह तआला हम सबको तक़वा अपनाने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 10-14 — सूरा अल-अलक

10عَبْدًا إِذَا صَلَّىٰ
जो एक बन्दे को जब वह नमाज़ पढ़ता है तो वह रोकता है
11أَرَأَيْتَ إِن كَانَ عَلَى الْهُدَىٰ
भला देखो तो कि अगर ये राहे रास्त पर हो या परहेज़गारी का हुक्म करे
12أَوْ أَمَرَ بِالتَّقْوَىٰ
(तो रोकना कैसा)
13أَرَأَيْتَ إِن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
भला देखो तो कि अगर उसने (सच्चे को) झुठला दिया और (उसने) मुँह फेरा
14أَلَمْ يَعْلَم بِأَنَّ اللَّهَ يَرَىٰ
(तो नतीजा क्या होगा) क्या उसको ये मालूम नहीं कि ख़ुदा यक़ीनन देख रहा है
अल-अलककुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अल-अलक 12

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Friday, October 2, 2026

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