अल-इन्फितार · 13/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इन्फितार
إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ ۝١٣
Innal abraara lafee na`eem
📖 हिंदी अर्थ
बेशक नेको कार (बेहिश्त की) नेअमतों में होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अल-अबरार (الأبرار): यह "बर्र" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है वह व्यक्ति जिसकी नेकी और भलाई व्यापक हो गई हो — जिसने अपने रब की इबादत और आज्ञाकारिता में भलाई की और लोगों के साथ भी भलाई की।
  • नईम (نعيم): स्थायी सुख, आराम, और खुशी जो कभी समाप्त न हो।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में फ़रमाता है कि नेक लोग, जो अल्लाह के हुकूक़ (अधिकारों) और बंदों के हुकूक़ को पूरा करते हैं, वे निश्चित रूप से क़यामत के दिन स्थायी नेमतों और सुख-चैन में होंगे। यह नईम सिर्फ़ जन्नत के बाग़ और झरने ही नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसकी मुहब्बत की नेमत है, जो हर सुख से बड़ी है।

यहाँ "अबरार" से मुराद वे लोग हैं जिनकी नेकी सामान्य और व्यापक हो — उन्होंने अपने रब के साथ भलाई की उसकी इबादत और तक़्वा से, और लोगों के साथ भलाई की उनकी मदद, हिदायत और अच्छे अख़लाक़ से। यह वह लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की राह पर चलकर अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भर दिया।

इस आयत में अल्लाह तआला ने मोमिनों को ख़ुशख़बरी दी है कि उनकी मेहनत और परहेज़गारी बेकार नहीं जाएगी। जिस तरह दुनिया में उन्होंने अपने नफ़्स को बुराइयों से रोका और अल्लाह की राह में कष्ट उठाए, उसका बदला उन्हें आख़िरत में ऐसी नेमतों के रूप में मिलेगा जिसकी कोई अंत नहीं। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी टूटता नहीं।

प्यारे मुसलमानों! यह आयत हमें सिखाती है कि असली कामयाबी दुनिया के माल और शोहरत में नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसकी जन्नत में है। जो लोग आज अल्लाह की इबादत में मशगूल रहते हैं और लोगों के साथ भलाई करते हैं, वही असली ख़ुशनसीब हैं। आइए हम अपनी ज़िंदगी को नेकियों से भरें, अल्लाह के हुकूक़ और बंदों के हुकूक़ का ख़याल रखें, ताकि हम भी उन अबरार लोगों में शामिल हो सकें जिनके लिए यह स्थायी नईम तैयार किया गया है। अल्लाह हमें अपनी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 11-15 — सूरा अल-इन्फितार

11كِرَامًا كَاتِبِينَ
बुर्ज़ुग लोग (फरिश्ते सब बातों को) लिखने वाले (केरामन क़ातेबीन)
12يَعْلَمُونَ مَا تَفْعَلُونَ
जो कुछ तुम करते हो वह सब जानते हैं
13إِنَّ الْأَبْرَارَ لَفِي نَعِيمٍ
बेशक नेको कार (बेहिश्त की) नेअमतों में होंगे
14وَإِنَّ الْفُجَّارَ لَفِي جَحِيمٍ
और बदकार लोग यक़ीनन जहन्नुम में जज़ा के दिन
15يَصْلَوْنَهَا يَوْمَ الدِّينِ
उसी में झोंके जाएँगे
अल-इन्फितारकुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अल-इन्फितार 13

सूरा अल-इन्फितार आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक नेको कार (बेहिश्त की) नेअमतों में होंगे

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Thursday, October 1, 2026

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