अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الفُجَّار (फुज्जार): यानी वे लोग जिन्होंने अल्लाह के हुक्मों की परवाह नहीं की और पापों में डूबे रहे। यह "फ़ाज़िर" का बहुवचन है, जिसका अर्थ है दुष्ट, पापी और अवज्ञाकारी।
- جَحِيم (जहीम): अत्यंत भड़कती हुई आग, जो नरक की सबसे भीषण आग है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो लोग फ़ुज्जार हैं — यानी जिन्होंने अल्लाह के हुक्मों को तोड़ा, उसकी इबादत से मुँह मोड़ा, और उसके बंदों के हक़ों में कमी की — वे निश्चित रूप से जहीम (भड़कती हुई आग) में डाले जाएँगे। यह कोई साधारण आग नहीं, बल्कि वह आग है जो दिलों तक पहुँचती है और उन्हें अपनी लपटों में घेर लेती है।
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की नाफ़रमानी पर अड़े रहे, और अपने गुनाहों पर पछतावा नहीं किया। उनके लिए उस दिन न तो कोई मददगार होगा, न ही कोई सिफ़ारिश करने वाला। वे न तो मरेंगे कि आराम पा सकें, और न ही उन्हें उस आग से निकलने का कोई रास्ता मिलेगा।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी ज़िंदगी का रुख़ क्या है? क्या हम उन लोगों में से हैं जो अल्लाह के करीब चलते हैं, या उनमें से हैं जो उससे दूर भागते हैं? अल्लाह ने हमें आज़ादी दी है, लेकिन साथ ही यह भी बता दिया है कि हर काम का नतीजा होगा। अगर हम आज अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, अपने गुनाहों से तौबा कर लें, और अल्लाह की राह पर चल पड़ें, तो वह बड़ा मेहरबान और क्षमाशील है। वह हमारी बुराइयों को नेकियों से बदल सकता है। यही वह मौक़ा है जो अल्लाह ने हमें दिया है — कि हम जहीम की आग से बचकर उसकी जन्नत की तरफ दौड़ पड़ें। अल्लाह हम सबको समझ दे और सीधी राह पर चलाए। आमीन।
📜 आयत 12-16 — अल-इन्फितार
अनुवाद — अल-इन्फितार 14
सूरा अल-इन्फितार आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बदकार लोग यक़ीनन जहन्नुम में जज़ा के दिनसूरा आयत 14/19 — अल-इन्फितार الإنفطار (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इन्फितार सुनें, अल-इन्फितार अनुवाद, अल-इन्फितार mp3, अल-इन्फितार pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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