अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِغَائِبِينَ (ग़ाइबीन): ग़ायब होने वाले, दूर जाने वाले, छूटने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिन लोगों ने अल्लाह के हुक़ूक़ (अधिकारों) और उसके बंदों के हुक़ूक़ में कमी की, यानी फ़ाजिर (दुष्कर्मी) लोग, वे क़ियामत के दिन जहन्नम की आग में डाले जाएंगे। उस दिन उन पर जहन्नम की लपटें पड़ेंगी और उन्हें उसके अज़ाब का मज़ा चखाया जाएगा। यह अज़ाब उनसे कभी दूर नहीं होगा, न वे उससे बाहर निकल सकेंगे और न ही उन्हें मौत आएगी ताकि वे इस अज़ाब से छुटकारा पा सकें। बल्कि वे हमेशा के लिए उसी में रहेंगे। यह आयत काफ़िरों और दुष्कर्मियों के लिए सबसे बड़ी चेतावनी है कि अल्लाह का अज़ाब ऐसा नहीं है जिससे कोई भाग सके या जिसे कोई टाल सके।
इस आयत से यह भी साबित होता है कि काफ़िरों का जहन्नम में हमेशा रहना है। कुछ मुफ़स्सिरीन ने यह भी कहा है कि "उससे" (عَنْهَا) से मुराद क़ियामत का दिन भी हो सकता है, यानी वे उस दिन से ग़ायब नहीं हो सकते, बल्कि उन्हें उस दिन ज़रूर आना है और उसके सामने हाज़िर होना है। यह मानी क़ियामत के दिन के सुबूत (प्रमाण) को और मज़बूत करता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही उसकी रहमत की तरफ़ बुलाती है। अगर हम इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक़ूक़ को पूरा करें और लोगों के हुक़ूक़ का ख़याल रखें, तो हम उस अज़ाब से बच सकते हैं जो कभी ख़त्म नहीं होता। अल्लाह ने हमें मोहलत दी है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आओ हम अपनी ज़िंदगी को सुधारें, नेक कामों में जल्दी करें और उस दिन से पहले तैयारी कर लें जब कोई भागकर नहीं बच सकेगा। याद रखिए, अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं बड़ी है, और वह अपने बंदों की तौबा से बहुत खुश होता है।
📜 आयत 14-18 — अल-इन्फितार
अनुवाद — अल-इन्फितार 16
सूरा अल-इन्फितार आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह लोग उससे छुप न सकेंगेसूरा आयत 16/19 — अल-इन्फितार الإنفطار (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इन्फितार सुनें, अल-इन्फितार अनुवाद, अल-इन्फितार mp3, अल-इन्फितार pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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