यूनुस · 9/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ يَهْدِيهِمْ رَبُّهُم بِإِيمَانِهِمْ ۖ تَجْرِي مِن تَحْتِهِمُ الْأَنْهَارُ فِي جَنَّاتِ النَّعِيمِ ۝٩
Innal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati yahdeehim Rabbuhum bi eemaanihim tajree min tahtihimul anhaaru fee jannaatin Na`eem
📖 हिंदी अर्थ
बेशक जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन्हें उनका परवरदिगार उनके ईमान के सबब से मंज़िल मक़सूद तक पहुँचा देगा कि आराम व आसाइश के बाग़ों में (रहेगें) और उन के नीचे नहरें जारी होगी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

* يَهْدِيهِمْ: उन्हें मार्गदर्शन देगा, उन्हें रास्ता दिखाएगा।

* بِإِيمَانِهِمْ: उनके ईमान (विश्वास) की वजह से।

* تَجْرِي مِن تَحْتِهِمُ: उनके नीचे से बहती हुईं।

* جَنَّاتِ النَّعِيمِ: आराम और सुख-चैन के बाग़।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत मोमिनीन (ईमान वालों) के लिए खुशखबरी है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाया और उस ईमान के अनुसार अच्छे कर्म (नेक अमल) किए, उन्हें उनके रब ने उनके इसी ईमान की बदौलत हिदायत दी। यानी उनके ईमान की बरकत से अल्लाह ने उन्हें वह रास्ता दिखाया जो उन्हें जन्नत तक पहुंचाता है, और उन्हें वे अच्छे काम करने की तौफ़ीक़ दी जो उसकी रज़ा (खुशी) का ज़रिया बने। यह हिदायत उनके ईमान का ही नतीजा है, क्योंकि ईमान ही वह चीज़ है जो इंसान को अच्छे कामों की तरफ़ ले जाता है।

फिर अल्लाह तआला उनके अंजाम (नतीजे) का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि जब वे इस हिदायत पर चलेंगे, तो क़यामत के दिन उन्हें ऐसी जन्नत में दाखिल किया जाएगा जो "जन्नतुल नईम" है, यानी हर तरह की नेमतों और आराम से भरी हुई। उनके नीचे नहरें बह रही होंगी, जो उनकी ख़ुशी और सुकून को और बढ़ा देंगी। यह उनका अज्र (इनाम) है जो उनके ईमान और अच्छे कर्मों की वजह से उन्हें मिलेगा।

फ़ायदे (सबक़):

  1. ईमान और नेक अमल (अच्छे कर्म) आपस में जुड़े हुए हैं। सिर्फ़ ज़ुबान से ईमान काफ़ी नहीं, बल्कि उस पर अमल करना भी ज़रूरी है।
  2. अल्लाह की हिदायत (मार्गदर्शन) एक बड़ी नेमत है, और यह नेमत उन्हीं को मिलती है जो अल्लाह पर ईमान रखते हैं और उसके बताए हुए रास्ते पर चलने की कोशिश करते हैं।
  3. यह आयत मोमिनीन को बड़ी उम्मीद और हौसला देती है कि उनकी मेहनत और ईमान बेकार नहीं जाएगा। उनका अंजाम जन्नत और अल्लाह की रज़ा है।
  4. जन्नत की नेमतें हमेशा रहने वाली हैं और वहाँ का सुख कभी ख़त्म नहीं होता। यह दुनिया की किसी भी नेमत से बेहतर है, इसलिए इसे पाने की कोशिश करनी चाहिए।


📜 आयत 7-11 — यूनुस

7إِنَّ الَّذِينَ لَا يَرْجُونَ لِقَاءَنَا وَرَضُوا بِالْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَاطْمَأَنُّوا بِهَا وَالَّذِينَ هُمْ عَنْ آيَاتِنَا غَافِلُونَ
इसमें भी शक़ नहीं कि जिन लोगों को (क़यामत में) हमारी (बारगाह की) हुज़ूरी का ठिकाना नहीं और दुनिया की (चन्द रोज़) ज़िन्दगी से निहाल हो गए और उसी पर चैन से बैठे हैं और जो लोग हमारी आयतों से ग़ाफिल हैं
8أُولَٰئِكَ مَأْوَاهُمُ النَّارُ بِمَا كَانُوا يَكْسِبُونَ
यही वह लोग हैं जिनका ठिकाना उनकी करतूत की बदौलत जहन्नुम है
9إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ يَهْدِيهِمْ رَبُّهُم بِإِيمَانِهِمْ ۖ تَجْرِي مِن تَحْتِهِمُ الْأَنْهَارُ فِي جَنَّاتِ النَّعِيمِ
बेशक जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन्हें उनका परवरदिगार उनके ईमान के सबब से मंज़िल मक़सूद तक पहुँचा देगा कि आराम व आसाइश के बाग़ों में (रहेगें) और उन के नीचे नहरें जारी होगी
10دَعْوَاهُمْ فِيهَا سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَتَحِيَّتُهُمْ فِيهَا سَلَامٌ ۚ وَآخِرُ دَعْوَاهُمْ أَنِ الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
उन बाग़ों में उन लोगों का बस ये कौल होगा ऐ ख़ुदा तू पाक व पाकीज़ा है और उनमें उनकी बाहमी (आपसी) खैरसलाही (मुलाक़ात) सलाम से होगी और उनका आख़िरी क़ौल ये होगा कि सब तारीफ ख़ुदा ही को सज़ावार है जो सारे जहाँन का पालने वाला है
11۞ وَلَوْ يُعَجِّلُ اللَّهُ لِلنَّاسِ الشَّرَّ اسْتِعْجَالَهُم بِالْخَيْرِ لَقُضِيَ إِلَيْهِمْ أَجَلُهُمْ ۖ فَنَذَرُ الَّذِينَ لَا يَرْجُونَ لِقَاءَنَا فِي طُغْيَانِهِمْ يَعْمَهُونَ
और जिस तरह लोग अपनी भलाई के लिए जल्दी कर बैठे हैं उसी तरह अगर ख़ुदा उनकी शरारतों की सज़ा में बुराई में जल्दी कर बैठता है तो उनकी मौत उनके पास कब की आ चुकी होती मगर हम तो उन लोगों को जिन्हें (मरने के बाद) हमारी हुज़ूरी का खटका नहीं छोड़ देते हैं कि वह अपनी सरकशी में आप सरग़िरदा रहें
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अनुवाद — यूनुस 9

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Tuesday, August 18, 2026

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