अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْكِتَابَ: तौरात।
- فَاخْتُلِفَ فِيهِ: कुछ ने उसे माना और कुछ ने उसे झुठलाया।
- كَلِمَةٌ سَبَقَتْ: अल्लाह का वह फैसला जो पहले से तय हो चुका है (अज़ाब में देरी का वादा)।
- لَقُضِيَ بَيْنَهُمْ: उनके बीच फैसला कर दिया जाता (यानी झुठलाने वालों को सज़ा दे दी जाती)।
- مُرِيبٍ: वह शक जो दिल को बेचैन कर दे और संदेह में डाल दे।
तफसीर:
हमने मूसा (अलैहिस्सलाम) को तौरात जैसी महान किताब प्रदान की, लेकिन उनकी क़ौम ने उसमें मतभेद किया — कुछ ने उसे माना और कुछ ने उसे झुठलाया। यही हाल आपकी क़ौम (कुरैश) का भी है, जो आपके द्वारा लाए गए कुरआन के साथ कर रही है। अगर अल्लाह का वह फैसला पहले से तय न होता कि वह अपने बंदों को अज़ाब देने में जल्दी नहीं करता, बल्कि एक निश्चित समय तक उन्हें मोहलत देता है, तो उनके बीच तुरंत फैसला कर दिया जाता — यानी झुठलाने वालों को दुनिया में ही हलाक कर दिया जाता और ईमान लाने वालों को नजात दे दी जाती। लेकिन अल्लाह की हिकमत यह है कि वह अज़ाब को क़ियामत के दिन तक के लिए टाल देता है। और यक़ीनन ये काफ़िर — चाहे वे यहूदी हों या मुशरिक — इस कुरआन के बारे में ऐसे संदेह में हैं जो उनके दिलों को बेचैन कर देता है और उन्हें सच्चाई की तरफ बढ़ने से रोकता है।
फ़ायदे:
- अल्लाह की सुन्नत (रीति) यह रही है कि वह अपने नबियों की किताबों के साथ भेजे जाने के बावजूद लोगों को आज़माइश में डालता है, ताकि सच्चे ईमान वाले झूठे दावे करने वालों से अलग हो जाएं।
- अल्लाह का अज़ाब न देने में देरी उसकी रहमत और हिकमत का नतीजा है, न कि उसकी कमज़ोरी। यह हमें सिखाता है कि हमें अल्लाह के फैसलों पर भरोसा रखना चाहिए और जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए।
- संदेह और बेचैनी (रीब) इंसान को हक़ (सच्चाई) से दूर रखती है। इसलिए हमें अपने दिलों को शक से पाक रखना चाहिए और कुरआन को खुले दिल से पढ़ना चाहिए, क्योंकि यही हिदायत का ज़रिया है।
- यह आयत हमें तसल्ली देती है कि जिस तरह मूसा (अलैहिस्सलाम) की क़ौम ने उनकी किताब में इख्तिलाफ़ किया, उसी तरह आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की क़ौम ने कुरआन के साथ किया — यह कोई नई बात नहीं, बल्कि नबियों की आज़माइश का हिस्सा है। इसलिए सब्र रखें और अल्लाह पर भरोसा करें।
📜 आयत 108-112 — हूद
अनुवाद — हूद 110
सूरा हूद आयत 110 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने मूसा को किताब तौरैत अता की तो उसमें…सूरा आयत 110/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 108–112. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








