अन-नहल · 34/128
अनुवाद उच्चारण — अन-नहल
فَأَصَابَهُمْ سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ ۝٣٤
Fa asaabahum saiyi aatu maa `amiloo wa haaqa bihim maa kaano bihee yastahzi`oon
📖 हिंदी अर्थ
फिर जो जो करतूतें उनकी थी उसकी सज़ा में बुरे नतीजे उनको मिले और जिस (अज़ाब) की वह हँसी उड़ाया करते थे उसने उन्हें (चारो तरफ से) घेर लिया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا: उनके किए हुए बुरे कर्मों की सज़ा और उसका बुरा परिणाम।
  • حَاقَ: घेर लिया, उन पर उतर आया, चारों ओर से आ घेरा।
  • يَسْتَهْزِئُونَ: मज़ाक उड़ाते थे, उपहास करते थे।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला उन काफ़िरों और मुक़र्रिज़ीन (झुठलाने वालों) के अंजाम को बयान कर रहा है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया और उनकी नसीहतों का मज़ाक उड़ाया। जब उन पर अल्लाह का अज़ाब आया, तो उन्हें उनके उन बुरे कर्मों की सज़ा मिली जो वे दुनिया में करते रहे थे। उनके किए हुए गुनाहों की सज़ा ने उन्हें आ घेरा, और वह अज़ाब जिसे वे मज़ाक में उड़ाते थे — जब उन्हें डराया जाता था कि यह अज़ाब आएगा, तो वे उसका उपहास करते थे — वही अज़ाब उन पर चारों ओर से छा गया और उन्हें अपनी लपेट में ले लिया। यानी जिस चीज़ को वे हँसी-मज़ाक समझते थे, वही उनकी हलाकत का सबब बन गई। यह अल्लाह का न्यायपूर्ण फ़ैसला था कि उन्हें उनके कर्मों का पूरा बदला मिला, और उनका उपहास ही उनके लिए जाल बन गया।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह तआला की सज़ा अटल है — जो लोग उसकी आयतों और उसके दीन का मज़ाक उड़ाते हैं, वे कभी बच नहीं सकते। उनका उपहास उन्हीं पर भारी पड़ता है।
  2. इंसान के कर्मों का परिणाम उसे ज़रूर मिलता है — अच्छे कर्मों का अच्छा बदला और बुरे कर्मों का बुरा अंजाम। यह अल्लाह की सुन्नत (व्यवस्था) है जो कभी नहीं बदलती।
  3. यह आयत मुसलमान को सिखाती है कि वह अल्लाह के दीन, उसकी आयतों और उसके वादों को कभी हल्का न समझे, बल्कि उन्हें पूरी गंभीरता से ले और उन पर अमल करे।
  4. इससे यह भी पता चलता है कि अल्लाह की सज़ा में देर हो सकती है, लेकिन वह टलती नहीं — इसलिए इंसान को हमेशा तौबा और नेकी का रास्ता अपनाना चाहिए।


📜 आयत 32-36 — अन-नहल

32الَّذِينَ تَتَوَفَّاهُمُ الْمَلَائِكَةُ طَيِّبِينَ ۙ يَقُولُونَ سَلَامٌ عَلَيْكُمُ ادْخُلُوا الْجَنَّةَ بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
(ये) वह लोग हैं जिनकी रुहें फरिश्ते इस हालत में क़ब्ज़ करतें हैं कि वह (नजासते कुफ्र से) पाक व पाकीज़ा होते हैं तो फरिश्ते उनसे (निहायत तपाक से) कहते है सलामुन अलैकुम जो नेकियाँ दुनिया में तुम करते थे उसके सिले में जन्नत में (बेतकल्लुफ) चले जाओ
33هَلْ يَنظُرُونَ إِلَّا أَن تَأْتِيَهُمُ الْمَلَائِكَةُ أَوْ يَأْتِيَ أَمْرُ رَبِّكَ ۚ كَذَٰلِكَ فَعَلَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ وَمَا ظَلَمَهُمُ اللَّهُ وَلَٰكِن كَانُوا أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
(ऐ रसूल) क्या ये (अहले मक्का) इसी बात के मुन्तिज़र है कि उनके पास फरिश्ते (क़ब्ज़े रुह को) आ ही जाएँ या (उनके हलाक करने को) तुम्हारे परवरदिगार का अज़ाब ही आ पहुँचे जो लोग उनसे पहले हो गुज़रे हैं वह ऐसी बातें कर चुके हैं और ख़ुदा ने उन पर (ज़रा भी) जुल्म नहीं किया बल्कि वह लोग ख़ुद कुफ़्र की वजह से अपने ऊपर आप जुल्म करते रहे
34فَأَصَابَهُمْ سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا وَحَاقَ بِهِم مَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ
फिर जो जो करतूतें उनकी थी उसकी सज़ा में बुरे नतीजे उनको मिले और जिस (अज़ाब) की वह हँसी उड़ाया करते थे उसने उन्हें (चारो तरफ से) घेर लिया
35وَقَالَ الَّذِينَ أَشْرَكُوا لَوْ شَاءَ اللَّهُ مَا عَبَدْنَا مِن دُونِهِ مِن شَيْءٍ نَّحْنُ وَلَا آبَاؤُنَا وَلَا حَرَّمْنَا مِن دُونِهِ مِن شَيْءٍ ۚ كَذَٰلِكَ فَعَلَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ ۚ فَهَلْ عَلَى الرُّسُلِ إِلَّا الْبَلَاغُ الْمُبِينُ
और मुशरेकीन कहते हैं कि अगर ख़ुदा चाहता तो न हम ही उसके सिवा किसी और चीज़ की इबादत करते और न हमारे बाप दादा और न हम बग़ैर उस (की मर्ज़ी) के किसी चीज़ को हराम कर बैठते जो लोग इनसे पहले हो गुज़रे हैं वह भी ऐसे (हीला हवाले की) बातें कर चुके हैं तो (कहा करें) पैग़म्बरों पर तो उसके सिवा कि एहकाम को साफ साफ पहुँचा दे और कुछ भी नहीं
36وَلَقَدْ بَعَثْنَا فِي كُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولًا أَنِ اعْبُدُوا اللَّهَ وَاجْتَنِبُوا الطَّاغُوتَ ۖ فَمِنْهُم مَّنْ هَدَى اللَّهُ وَمِنْهُم مَّنْ حَقَّتْ عَلَيْهِ الضَّلَالَةُ ۚ فَسِيرُوا فِي الْأَرْضِ فَانظُرُوا كَيْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُكَذِّبِينَ
और हमने तो हर उम्मत में एक (न एक) रसूल इस बात के लिए ज़रुर भेजा कि लोगों ख़ुदा की इबादत करो और बुतों (की इबादत) से बचे रहो ग़रज़ उनमें से बाज़ की तो ख़ुदा ने हिदायत की और बाज़ के (सर) पर गुमराही सवार हो गई तो ज़रा तुम लोग रुए ज़मीन पर चल फिर कर देखो तो कि (पैग़म्बराने ख़ुदा के) झुठलाने वालों को क्या अन्जाम हुआ
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Tuesday, August 18, 2026

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