अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا: उनके किए हुए बुरे कर्मों की सज़ा और उसका बुरा परिणाम।
- حَاقَ: घेर लिया, उन पर उतर आया, चारों ओर से आ घेरा।
- يَسْتَهْزِئُونَ: मज़ाक उड़ाते थे, उपहास करते थे।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन काफ़िरों और मुक़र्रिज़ीन (झुठलाने वालों) के अंजाम को बयान कर रहा है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों को झुठलाया और उनकी नसीहतों का मज़ाक उड़ाया। जब उन पर अल्लाह का अज़ाब आया, तो उन्हें उनके उन बुरे कर्मों की सज़ा मिली जो वे दुनिया में करते रहे थे। उनके किए हुए गुनाहों की सज़ा ने उन्हें आ घेरा, और वह अज़ाब जिसे वे मज़ाक में उड़ाते थे — जब उन्हें डराया जाता था कि यह अज़ाब आएगा, तो वे उसका उपहास करते थे — वही अज़ाब उन पर चारों ओर से छा गया और उन्हें अपनी लपेट में ले लिया। यानी जिस चीज़ को वे हँसी-मज़ाक समझते थे, वही उनकी हलाकत का सबब बन गई। यह अल्लाह का न्यायपूर्ण फ़ैसला था कि उन्हें उनके कर्मों का पूरा बदला मिला, और उनका उपहास ही उनके लिए जाल बन गया।
फ़ायदे:
- अल्लाह तआला की सज़ा अटल है — जो लोग उसकी आयतों और उसके दीन का मज़ाक उड़ाते हैं, वे कभी बच नहीं सकते। उनका उपहास उन्हीं पर भारी पड़ता है।
- इंसान के कर्मों का परिणाम उसे ज़रूर मिलता है — अच्छे कर्मों का अच्छा बदला और बुरे कर्मों का बुरा अंजाम। यह अल्लाह की सुन्नत (व्यवस्था) है जो कभी नहीं बदलती।
- यह आयत मुसलमान को सिखाती है कि वह अल्लाह के दीन, उसकी आयतों और उसके वादों को कभी हल्का न समझे, बल्कि उन्हें पूरी गंभीरता से ले और उन पर अमल करे।
- इससे यह भी पता चलता है कि अल्लाह की सज़ा में देर हो सकती है, लेकिन वह टलती नहीं — इसलिए इंसान को हमेशा तौबा और नेकी का रास्ता अपनाना चाहिए।
📜 आयत 32-36 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 34
सूरा अन-नहल आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जो जो करतूतें उनकी थी उसकी सज़ा में बुरे…सूरा आयत 34/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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