Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْغَفُورُ: अत्यंत क्षमाशील, गुनाहों को माफ करने वाला।
- ذُو الرَّحْمَةِ: रहमत (दया) का मालिक, जिसकी दया हर चीज़ को घेरे हुए है।
- يُؤَاخِذُهُم: उन्हें पकड़े, उनसे हिसाब ले।
- لَعَجَّلَ: जल्दी कर देता।
- مَوْعِدٌ: एक निश्चित समय, वादे का दिन।
- مَوْئِلًا: पनाह की जगह, बचने का ठिकाना, सहारा।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आपका रब बड़ा क्षमाशील है और उसकी रहमत (दया) असीम है। वह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करने वाला है, खासकर उन लोगों के लिए जो तौबा करके उसकी ओर लौट आते हैं। उसकी दया का यह आलम है कि वह गुनाहगारों पर भी रहम करता है और उन्हें मौका देता है कि वे सुधर जाएं।
अगर अल्लाह तआला इन काफिरों और मुन्किरों को उनके किए हुए गुनाहों की सज़ा तुरंत देता, तो इसी दुनिया में उन पर अज़ाब नाज़िल कर देता। लेकिन वह हलीम (बुर्दबार) है, जल्दबाज़ी नहीं करता। वह चाहता है कि लोग तौबा करें और उसकी रहमत की तरफ लौटें। यही उसकी रहमत है कि वह सज़ा में देरी करता है।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि वे बच जाएंगे। नहीं! उनके लिए एक निश्चित समय और एक वादे का दिन मुकर्रर है—वह क़यामत का दिन। उस दिन उन्हें उनके आमाल का पूरा बदला दिया जाएगा। उस दिन वे कहीं भागकर नहीं जा सकेंगे, न ही उन्हें अल्लाह के सिवा कोई पनाह की जगह मिलेगी। न कोई सहारा होगा, न कोई बचाव का रास्ता।
यह आयत हमें अल्लाह की दो सिफ़ात (गुणों) की याद दिलाती है—मग़फिरत (क्षमा) और रहमत (दया)। अल्लाह चाहता है कि उसके बंदे उसकी रहमत से निराश न हों और हमेशा तौबा की राह अपनाएं। साथ ही, यह भी सिखाती है कि अल्लाह की सज़ा से डरना चाहिए, क्योंकि उसका वादा सच्चा है और उस दिन कोई बचाव नहीं होगा।
तो ऐ बंदे! अपने रब की रहमत से उम्मीद रख, लेकिन उसके अज़ाब से भी डर। तौबा कर, अपने गुनाहों से बाज़ आ, और अल्लाह की रहमत की तरफ दौड़। वह माफ करने वाला है, मगर याद रख—उसका वादा भी सच्चा है, और उस दिन कोई पनाह नहीं मिलेगी।
📜 आयत 56-60 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 58
सूरा अल-कहफ आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम्हारा परवरदिगार तो बड़ा बख्शने वाला मेहरबान…सूरा आयत 58/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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