अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- तिल्कल क़ुरा – वे बस्तियाँ (जिनका उल्लेख पहले हुआ)
- अहलकनाहुम – हमने उन्हें हलाक (विनष्ट) कर दिया
- लम्मा ज़लमू – जब उन्होंने ज़ुल्म किया (अपने ऊपर कुफ्र और नाफ़रमानी द्वारा)
- लिमहलिकिहिम – उनके विनाश के लिए
- मौ'इदन – एक नियत समय (मीक़ात)
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे बस्तियाँ हैं जिनका ज़िक्र इस सूरह में पहले आया — जैसे आद की बस्तियाँ, समूद की बस्तियाँ, लूत की क़ौम की बस्तियाँ और शुऐब अलैहिस्सलाम की क़ौम की बस्तियाँ। ये सब बस्तियाँ तुम्हारे आस-पास ही थीं और इनके खंडहर तुम्हारे सामने मौजूद हैं। जब इन लोगों ने अपने रब के साथ कुफ्र किया, उसके रसूलों को झुठलाया और ज़ुल्म व सरकशी में हद से गुज़र गए, तो अल्लाह ने उन्हें हलाक कर दिया। यह हलाकी अचानक नहीं आई, बल्कि अल्लाह ने उनके विनाश के लिए एक नियत समय और मीक़ात मुक़र्रर कर रखा था। जब वह समय आ गया, तो अल्लाह का अज़ाब उन पर नाज़िल हुआ और उन्होंने अपने किए की सज़ा पाई।
इस आयत में अल्लाह तआला ने क़ुरैश और बाद की उम्मतों को सबक़ दिया है कि ये बस्तियाँ जो तुम्हारे सामने वीरान पड़ी हैं, वे तुमसे ज़्यादा ताक़तवर थीं, उनके पास माल और औलाद ज़्यादा थी, उनकी इमारतें ऊँची थीं, लेकिन जब उन्होंने हक़ को झुठलाया और ज़ुल्म पर अड़े रहे, तो अल्लाह की पकड़ ने उन्हें आ लिया। अल्लाह ने उन्हें मोहलत ज़रूर दी, लेकिन जब वादा पूरा होने का वक़्त आया, तो कोई चीज़ उन्हें अल्लाह के अज़ाब से नहीं बचा सकी।
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन वह जल्दबाज़ी नहीं करता। वह बंदों को मौका देता है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखता है, लेकिन जब उसका फैसला आ जाता है, तो उसे कोई टाल नहीं सकता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें, उसके दीन पर क़ायम रहें और उसकी रहमत से कभी मायूस न हों। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है — वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें, तौबा करें और उसकी रहमत के साये में आ जाएँ। जो लोग उसकी तरफ़ लौटते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है, और जो उसकी नाफ़रमानी पर अड़े रहते हैं, उनके लिए उसी अज़ाब का डर है जो पहले की उम्मतों पर आया।
📜 आयत 57-61 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 59
सूरा अल-कहफ आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये बस्तियाँ (जिन्हें तुम अपनी ऑंखों से देखते हो)…सूरा आयत 59/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
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Wednesday, August 19, 2026
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