अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَابَ: तौबा की, अपनी गलती और कुकर्मों से लौट आया।
- آمَنَ: ईमान लाया, अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) की सच्चाई को दिल से स्वीकार किया।
- عَمِلَ صَالِحًا: अच्छे और नेक काम किए, जो अल्लाह को पसंद हैं।
- لَا يُظْلَمُونَ شَيْئًا: उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा, यानी उनके अच्छे कामों का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा, कम नहीं किया जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपनी असीम रहमत और क्षमा का द्वार खोलते हुए फ़रमाते हैं कि जो लोग पहले गुमराही, कुफ़्र या गुनाहों में पड़े हुए थे, उनके लिए भी निराशा नहीं है। हाँ, जो व्यक्ति सच्चे दिल से तौबा कर ले — यानी अपने किए पर पछताए, तुरंत गुनाह छोड़ दे, और अल्लाह की ओर पलट आए — और साथ ही अल्लाह पर ईमान लाए, उसकी वहदानियत और रसूल (ﷺ) की सच्चाई को मान ले, और फिर अपने ईमान के अनुसार अच्छे काम करे, जैसे नमाज़, रोज़ा, ज़कात और दूसरे नेक काम, तो ऐसे लोगों के लिए अल्लाह की जन्नत है।
यह अल्लाह का बड़ा ही प्यारा वादा है कि वह तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है और उन्हें जन्नत में दाखिल करता है। वहाँ उनके साथ ज़रा भी ज़ुल्म नहीं होगा — उनके अच्छे कामों का बदला पूरा-पूरा मिलेगा, कोई नेकी कम नहीं की जाएगी, और न ही उनके साथ कोई नाइंसाफ़ी होगी।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए। चाहे इंसान कितना ही गुनाहगार क्यों न हो, जब तक दम में दम है, तौबा का दरवाज़ा खुला है। अल्लाह तआला अपने बंदों से बेहद प्यार करता है और चाहता है कि वे उसकी ओर लौट आएँ। तो आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी में तौबा को अपनाएँ, ईमान को मज़बूत करें और नेक कामों में जुट जाएँ, ताकि हम भी उन खुशनसीब लोगों में शामिल हो सकें जिनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 58-62 — मरियम
अनुवाद — मरियम 60
सूरा मरियम आयत 60 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर (हाँ) जिसने तौबा कर लिया और अच्छे-अच्छे काम किए…सूरा आयत 60/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 58–62. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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