मरियम · 61/98
अनुवाद उच्चारण — सूरा मरियम
جَنَّاتِ عَدْنٍ الَّتِي وَعَدَ الرَّحْمَٰنُ عِبَادَهُ بِالْغَيْبِ ۚ إِنَّهُ كَانَ وَعْدُهُ مَأْتِيًّا ۝٦١
Jannaati `adninil latee wa`adar Rahmaanu ibaadahoo bilghaib; innahoo kaana wa`duhoo maatiyyaa
📖 हिंदी अर्थ
जिनका खुदा ने अपने बन्दों से ग़ाएबाना वायदा कर लिया है बेशक उसका वायदा पूरा होने वाला है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • جَنَّاتِ عَدْنٍ: स्थायी निवास के बगीचे, जहाँ हमेशा रहना हो।
  • بِالْغَيْبِ: उस चीज़ पर ईमान लाना जो आँखों से नहीं दिखती।
  • مَأْتِيًّا: जो आकर रहेगा, यानी जिसका आना निश्चित और अटल है।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन मोमिनों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है जो अल्लाह पर ईमान लाते हैं और उसके वादे को सच मानते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उसके नेक बंदों के लिए "जन्नतुल अद्न" (स्थायी निवास के बगीचे) हैं, जहाँ वे हमेशा-हमेशा रहेंगे। यह वह जन्नत है जिसका वादा अल्लाह ने अपने बंदों से किया है, और यह वादा ऐसी चीज़ है जो आँखों से छिपी हुई है। बंदों ने उसे नहीं देखा, फिर भी उन्होंने उस पर पूरा यकीन किया और उसी के लिए अमल किया। यही उनके ईमान की सच्चाई है कि उन्होंने बिना देखे ही अल्लाह के वादे को सच मान लिया।

फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "बेशक उसका वादा ज़रूर आने वाला है।" यानी अल्लाह का यह वादा कोई खोखला या झूठा वादा नहीं है, बल्कि यह अटल और निश्चित है। जिस तरह दिन के बाद रात आती है और रात के बाद दिन आता है, उसी तरह अल्लाह का वादा भी पूरा होकर रहेगा। जन्नत ज़रूर मिलेगी, चाहे वह कितनी भी दूर क्यों न नज़र आए। मौत के बाद की ज़िंदगी, हिसाब-किताब, और फिर जन्नत या जहन्नम — यह सब कुछ ज़रूर आने वाला है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान का सबसे बड़ा सबूत यह है कि हम अल्लाह के उन वादों पर भरोसा करें जो हमें नज़र नहीं आते। जिस तरह एक बच्चा अपने माँ-बाप की बात पर भरोसा करता है, उसी तरह हमें अपने रब की बात पर पूरा भरोसा करना चाहिए। अल्लाह ने जो वादा किया है, वह कभी टूटता नहीं। जन्नत की राह आसान नहीं है, लेकिन उसका इनाम बेहद प्यारा है। आओ हम अपने अमल को सुधारें, अपने ईमान को मज़बूत करें, और उस जन्नत के लिए मेहनत करें जो आँखों से छिपी है, लेकिन दिलों में बसी हुई है। याद रखें, अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसका आना निश्चित है।



📜 आयत 59-63 — सूरा मरियम

59۞ فَخَلَفَ مِن بَعْدِهِمْ خَلْفٌ أَضَاعُوا الصَّلَاةَ وَاتَّبَعُوا الشَّهَوَاتِ ۖ فَسَوْفَ يَلْقَوْنَ غَيًّا
फिर उनके बाद कुछ नाख़लफ (उनके) जानशीन हुए जिन्होंने नमाज़ें खोयी और नफ़सानी ख्वाहिशों के चेले बन बैठे अनक़रीब ही ये लोग (अपनी) गुमराही (के ख़ामयाजे) से जा मिलेंगे
60إِلَّا مَن تَابَ وَآمَنَ وَعَمِلَ صَالِحًا فَأُولَٰئِكَ يَدْخُلُونَ الْجَنَّةَ وَلَا يُظْلَمُونَ شَيْئًا
मगर (हाँ) जिसने तौबा कर लिया और अच्छे-अच्छे काम किए तो ऐसे लोग बेहिश्त में दाख़िल होंगे और उन पर कुछ भी जुल्म नहीं किया जाएगा वह सदाबहार बाग़ात में रहेंगे
61جَنَّاتِ عَدْنٍ الَّتِي وَعَدَ الرَّحْمَٰنُ عِبَادَهُ بِالْغَيْبِ ۚ إِنَّهُ كَانَ وَعْدُهُ مَأْتِيًّا
जिनका खुदा ने अपने बन्दों से ग़ाएबाना वायदा कर लिया है बेशक उसका वायदा पूरा होने वाला है
62لَّا يَسْمَعُونَ فِيهَا لَغْوًا إِلَّا سَلَامًا ۖ وَلَهُمْ رِزْقُهُمْ فِيهَا بُكْرَةً وَعَشِيًّا
वह लोग वहाँ सलाम के सिवा कोई बेहूदा बात सुनेंगे ही नहीं मगर हर तरफ से इस्लाम ही इस्लाम (की आवाज़ आएगी) और वहाँ उनका खाना सुबह व शाम (जिस वक्त चाहेंगे) उनके लिए (तैयार) रहेगा
63تِلْكَ الْجَنَّةُ الَّتِي نُورِثُ مِنْ عِبَادِنَا مَن كَانَ تَقِيًّا
यही वह बेिहश्त है कि हमारे बन्दों में से जो परहेज़गार होगा हम उसे उसका वारिस बनायेगे
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीअवतरण स्थान
61आयत

अनुवाद — मरियम 61

सूरा मरियम आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिनका खुदा ने अपने बन्दों से ग़ाएबाना वायदा कर लिया…

सूरा आयत 61/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए