अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِالْبَيِّنَاتِ: स्पष्ट प्रमाण और चमत्कार जो सत्य को प्रकट करते हैं।
- اتَّخَذْتُمُ: तुमने बना लिया / अपना लिया।
- الْعِجْلَ: बछड़ा (सोने का बछड़ा जिसे बनी इसराइल ने पूजा बनाया था)।
- مِن بَعْدِهِ: उसके (मूसा अलैहिस्सलाम के जाने के) बाद।
- ظَالِمُونَ: अत्याचारी / सीमा से आगे बढ़ने वाले (क्योंकि उन्होंने अल्लाह के साथ शिर्क किया)।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला बनी इसराइल को उनके पूर्वजों के कृत्यों की याद दिलाते हुए फरमाता है कि तुम्हारे पास मूसा अलैहिस्सलाम स्पष्ट चमत्कार और प्रमाण लेकर आए, जो उनके सच्चे नबी होने का सबूत थे। इन चमत्कारों में तूफान, टिड्डियाँ, जूँ, मेंढक, खून, लाठी का साँप बनना, हाथ का चमकना, और समुद्र का चीरा जाना जैसी निशानियाँ शामिल थीं। ये सब इसलिए थे कि वे अल्लाह की एकता और मूसा अलैहिस्सलाम की सच्चाई को समझ लें।
इसके बावजूद, जब मूसा अलैहिस्सलाम अल्लाह से मिलने के लिए तूर पर्वत पर गए (मीक़ात के लिए), तो तुमने उनके जाने के बाद सोने का एक बछड़ा बनाकर उसे अपना पूज्य बना लिया। यह कृत्य अत्यंत घोर अत्याचार और अज्ञानता थी, क्योंकि तुमने उस अल्लाह को छोड़ दिया जिसने तुम्हें नेमतें दीं और तुम्हें फ़िरऔन की गुलामी से छुड़ाया, और एक बेजान मूर्ति की पूजा करने लगे। यह सिर्फ़ गलती नहीं थी, बल्कि जानबूझकर किया गया अत्याचार था, क्योंकि तुम्हारे पास सच्चाई के स्पष्ट प्रमाण पहले से मौजूद थे।
फ़ायदे (सबक और शिक्षाएँ):
- अल्लाह की नेमतों की याद: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की दी हुई नेमतों और भेजे गए रसूलों के प्रमाणों को कभी नहीं भूलना चाहिए। कृतघ्नता अल्लाह के क्रोध का कारण बनती है।
- सच्चाई के सामने हठधर्मिता विनाशकारी है: बनी इसराइल के पास स्पष्ट चमत्कार थे, फिर भी उन्होंने बछड़े की पूजा की। यह दर्शाता है कि ज्ञान और प्रमाण के बाद भी अगर इंसान अपनी इच्छाओं का पालन करे, तो वह कितनी बड़ी गुमराही में गिर सकता है।
- शिर्क सबसे बड़ा अत्याचार है: अल्लाह ने इस आयत में बछड़े की पूजा को "ज़ुल्म" (अत्याचार) कहा। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराना सबसे बड़ा अन्याय है, और मुसलमान को चाहिए कि वह अपने ईमान को शिर्क से बचाए।
- रसूलों की सुन्नत का अनुसरण: जिस तरह बनी इसराइल ने मूसा अलैहिस्सलाम की अनुपस्थिति में गलती की, उसी तरह आज हमें चाहिए कि नबी ﷺ की शिक्षाओं को थामे रहें और उनके बताए रास्ते से न भटकें।
- तौबा का दरवाज़ा खुला है: इस घटना के बाद बनी इसराइल ने तौबा की और अल्लाह ने उन्हें माफ़ किया। यह हमें सिखाता है कि चाहे कितनी ही बड़ी गलती हो, अल्लाह की रहमत से निराश नहीं होना चाहिए और सच्चे दिल से तौबा करनी चाहिए।
📜 आयत 90-94 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 92
सूरा आयत 92/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 90–94. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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