अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- بِسِحْرٍ مِّثْلِهِ — उसके जैसा जादू
- مَوْعِدًا — एक निर्धारित समय और स्थान
- لَا نُخْلِفُهُ — हम उसे नहीं तोड़ेंगे
- مَكَانًا سُوًى — एक समतल, बीच का स्थान जो दोनों पक्षों के लिए समान दूरी पर हो
तफसीर:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन के सामने अपना असली मोजिज़ा पेश किया — लाठी का साँप बनना और हाथ का चमकना — तो फ़िरऔन और उसके दरबारियों ने इसे जादू समझा और घमंड में आकर कहा: "हम भी तुम्हारे पास ऐसा ही जादू लाएँगे!" उन्होंने यह चुनौती इसलिए दी क्योंकि वे समझते थे कि उनके जादूगर दुनिया के सबसे माहिर हैं। उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) से कहा: "हमारे और तुम्हारे बीच एक ऐसा समय और स्थान तय करो जिसे न हम टालें और न तुम — एक ऐसी जगह जो दोनों के लिए बराबर हो, ताकि कोई पक्ष दूसरे पर बढ़त न पा सके।"
यह आयत हमें सिखाती है कि सत्य के प्रचारक को अपने विरोधियों की चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने इस चुनौती को स्वीकार किया, क्योंकि उन्हें पूरा यकीन था कि अल्लाह की मदद उनके साथ है। यह भी सबक है कि इंसाफ़ और स्पष्टता के साथ मुक़ाबला करना चाहिए — जैसा कि फ़िरऔन ने खुद एक निष्पक्ष स्थान की माँग की, हालाँकि उसका इरादा बुरा था, लेकिन अल्लाह ने इसी को सत्य के प्रकट होने का ज़रिया बनाया।
इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि जब सच्चाई और झूठ का सामना होता है, तो झूठ वाले बड़े ज़ोर-शोर से चुनौती देते हैं, लेकिन अल्लाह अपने नबियों की मदद करता है और अंतिम फैसला सत्य के पक्ष में होता है। एक दावेदार के लिए यह ज़रूरी है कि वह अपने मामले को साफ़ और निष्पक्ष तरीके से पेश करे, और अल्लाह पर भरोसा रखे। यही वह रास्ता है जो कामयाबी की तरफ ले जाता है — चाहे विरोधी कितने भी ताकतवर क्यों न हों।
📜 आयत 56-60 — ताहा
अनुवाद — ताहा 58
सूरा ताहा आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि हम को हमारे मुल्क (मिस्र से) अपने जादू के…सूरा आयत 58/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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