Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَوْمُ الزِّينَةِ: त्योहार का दिन, जब लोग सज-धज कर निकलते थे।
- يُحْشَرَ: एकत्र किया जाना, इकट्ठा किया जाना।
- ضُحًى: चाश्त का समय, सूर्य निकलने के बाद का वक्त।
तफसीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फ़िरऔन को जवाब देते हुए कहा: हमारे और तुम्हारे बीच मुलाकात का वादा त्योहार के दिन है, जब लोग अपने त्योहार के मौके पर सज-धज कर निकलते हैं और शहर के बाहर इकट्ठा होते हैं। यह वह दिन होगा जब सभी लोग चाश्त के समय (सुबह सूरज निकलने के बाद) एक जगह जमा होंगे। यह समय इसलिए चुना गया ताकि लोगों की भीड़ के सामने सच्चाई साफ़ हो जाए, और किसी को यह शुबहा (संदेह) न रहे कि यह मुलाकात छिपकर हुई थी। दिन के उजाले में, सबके सामने, हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) का फैसला होगा, ताकि हर शख्स अपनी आँखों से देख ले कि अल्लाह का दीन ही सच्चा है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई को हमेशा खुले मैदान में, सबके सामने पेश करना चाहिए। इस्लाम का तरीका यही है कि वह छिपकर बात नहीं करता, बल्कि दिन की रोशनी में, सबके सामने अपनी दलीलें रखता है। जिस तरह हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बिना किसी खौफ़ के फ़िरऔन को चुनौती दी, उसी तरह हमें भी हक़ की आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, चाहे सामने कितना भी बड़ा ज़ालिम क्यों न हो। याद रखिए, अल्लाह का वादा सच्चा है, और वह अपने नबियों की हमेशा मदद करता है। यह त्योहार का दिन और चाश्त का समय इस बात की गवाही देता है कि अल्लाह चाहता है कि उसकी निशानियाँ लोगों के सामने खुलकर आएँ, ताकि जो लोग सच्चाई की तलाश में हैं, वे उसे पा लें। आज भी जो लोग सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ आते हैं, अल्लाह उनके लिए रास्ते खोल देता है और उन्हें कामयाबी से नवाज़ता है।
📜 आयत 57-61 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 59
सूरा ताहा आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मूसा ने कहा तुम्हारे (मुक़ाबले) की मीयाद ज़ीनत (ईद) का…सूरा आयत 59/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


