ताहा · 97/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
قَالَ فَاذْهَبْ فَإِنَّ لَكَ فِي الْحَيَاةِ أَن تَقُولَ لَا مِسَاسَ ۖ وَإِنَّ لَكَ مَوْعِدًا لَّن تُخْلَفَهُ ۖ وَانظُرْ إِلَىٰ إِلَٰهِكَ الَّذِي ظَلْتَ عَلَيْهِ عَاكِفًا ۖ لَّنُحَرِّقَنَّهُ ثُمَّ لَنَنسِفَنَّهُ فِي الْيَمِّ نَسْفًا ۝٩٧
Qaala fazhab fa inna laka fil hayaati an taqoola laa misaasa wa inna laka maw`idal lan tukhlafahoo wanzur ilaaa ilaahikal lazee zalta `alaihi `aakifaa; lanuharriqannnahoo summa lanansifanahoo fil yammi nasfaa
📖 हिंदी अर्थ
और उस वक्त मुझे मेरे नफ्स ने यही सुझाया मूसा ने कहा चल (दूर हो) तेरे लिए (इस दुनिया की) ज़िन्दगी में तो (ये सज़ा है) तू कहता फ़िरेगा कि मुझे न छूना (वरना बुख़ार चढ़ जाएगा) और (आख़िरत में भी) यक़ीनी तेरे लिए (अज़ाब का) वायदा है कि हरगिज़ तुझसे ख़िलाफ़ न किया जाएगा और तू अपने माबूद को तो देख जिस (की इबादत) पर तू डट बैठा था कि हम उसे यक़ीनन जलाकर (राख) कर डालेंगे फिर हम उसे तितिर बितिर करके दरिया में उड़ा देगें

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا مِسَاسَ: मतलब "मुझे मत छुओ" या "मैं तुम्हें नहीं छूऊँगा और न तुम मुझे छुओ" — यानी अलग-थलग रहने की स्थिति।
  • مَوْعِدًا: एक निश्चित समय या वादे का दिन (यहाँ आख़िरत का दिन)।
  • لَّن تُخْلَفَهُ: तुम उस वादे से नहीं बच सकते, वह पूरा होकर रहेगा।
  • ظَلْتَ عَلَيْهِ عَاكِفًا: तुम उसकी पूजा में लगातार जुड़े रहे, उसी पर टिके रहे।
  • لَنُحَرِّقَنَّهُ: हम उसे (बछड़े को) आग में जला देंगे।
  • لَنَنسِفَنَّهُ: हम उसे राख बनाकर समुद्र में उड़ा देंगे।
  • الْيَمِّ: समुद्र (यहाँ नील नदी या समुद्र का पानी)।

विस्तृत तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने सामरी से कहा — जिसने बनी इसराईल को गुमराह करके बछड़े की पूजा पर उभारा था — "जा, तू हमारे पास से निकल जा। तेरी सज़ा यह है कि तू ज़िंदगी भर अकेला और बदनाम रहेगा। तेरी हालत यह होगी कि तू किसी से मिल नहीं सकेगा, लोग तुझसे दूर भागेंगे, और तू खुद भी किसी को छू नहीं पाएगा। तू हमेशा कहता रहेगा: 'मुझे मत छुओ, मैं तुम्हें नहीं छूऊँगा।' यह तेरी दुनियावी सज़ा है।

"और तेरे लिए एक और वादा है — क़ियामत के दिन तुझे हिसाब के लिए खड़ा किया जाएगा और तुझे अपनी सज़ा ज़रूर मिलेगी। तू उस दिन से बच नहीं सकता, क्योंकि अल्लाह का वादा कभी टलता नहीं। तू उस वादे को झुठला नहीं सकता, वह ज़रूर पूरा होगा।

"और अब उस 'पूजनीय' बछड़े को देख, जिसे तूने अपना माबूद बना रखा था और जिसकी इबादत पर तू जमा रहा। हम इसे अभी आग में जलाकर राख कर देंगे, फिर उस राख को समुद्र में उड़ा देंगे, ताकि उसका कोई निशान भी न बचे। तेरा वह माबूद कितना बेबस है कि वह अपनी रक्षा भी नहीं कर सकता!"


दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह के सिवा किसी और को पूजना — चाहे वह सोने का बछड़ा हो या दुनिया की कोई और चीज़ — सिर्फ़ बर्बादी और रुसवाई लाता है। जो इंसान अल्लाह को छोड़कर किसी और चीज़ से उम्मीदें बाँधता है, वह आख़िरकार अकेला, बेसहारा और शर्मिंदा होता है। लेकिन जो अल्लाह से जुड़ता है, अल्लाह उसे इज़्ज़त, सुकून और कामयाबी देता है। याद रखिए — अल्लाह का वादा सच्चा है, उसका हिसाब ज़रूर आएगा। इसलिए अपनी ज़िंदगी को सीधे रास्ते पर लगाएँ, और हर उस चीज़ से बचें जो हमें अल्लाह से दूर करे। तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला है — सामरी जैसा गुमराह भी अगर सच्चे दिल से तौबा करता, तो अल्लाह उसे माफ़ कर सकता था, लेकिन उसने हठ किया, इसलिए वह रुसवा हुआ। आप खुशक़िस्मत हैं कि आपको हिदायत मिली है — इस नेमत की क़द्र करें और अल्लाह के फ़रमानों पर चलें।



📜 आयत 95-99 — सूरा ताहा

95قَالَ فَمَا خَطْبُكَ يَا سَامِرِيُّ
तब सामरी से कहने लगे कि ओ सामरी तेरा क्या हाल है
96قَالَ بَصُرْتُ بِمَا لَمْ يَبْصُرُوا بِهِ فَقَبَضْتُ قَبْضَةً مِّنْ أَثَرِ الرَّسُولِ فَنَبَذْتُهَا وَكَذَٰلِكَ سَوَّلَتْ لِي نَفْسِي
उसने (जवाब में) कहा मुझे वह चीज़ दिखाई दी जो औरों को न सूझी (जिबरील घोड़े पर सवार जा रहे थे) तो मैंने जिबरील फरिश्ते (के घोड़े) के निशाने क़दम की एक मुट्ठी (ख़ाक) की उठा ली फिर मैंने (बछड़ों के क़ालिब में) डाल दी (तो वह बोलेने लगा
97قَالَ فَاذْهَبْ فَإِنَّ لَكَ فِي الْحَيَاةِ أَن تَقُولَ لَا مِسَاسَ ۖ وَإِنَّ لَكَ مَوْعِدًا لَّن تُخْلَفَهُ ۖ وَانظُرْ إِلَىٰ إِلَٰهِكَ الَّذِي ظَلْتَ عَلَيْهِ عَاكِفًا ۖ لَّنُحَرِّقَنَّهُ ثُمَّ لَنَنسِفَنَّهُ فِي الْيَمِّ نَسْفًا
और उस वक्त मुझे मेरे नफ्स ने यही सुझाया मूसा ने कहा चल (दूर हो) तेरे लिए (इस दुनिया की) ज़िन्दगी में तो (ये सज़ा है) तू कहता फ़िरेगा कि मुझे न छूना (वरना बुख़ार चढ़ जाएगा) और (आख़िरत में भी) यक़ीनी तेरे लिए (अज़ाब का) वायदा है कि हरगिज़ तुझसे ख़िलाफ़ न किया जाएगा और तू अपने माबूद को तो देख जिस (की इबादत) पर तू डट बैठा था कि हम उसे यक़ीनन जलाकर (राख) कर डालेंगे फिर हम उसे तितिर बितिर करके दरिया में उड़ा देगें
98إِنَّمَا إِلَٰهُكُمُ اللَّهُ الَّذِي لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۚ وَسِعَ كُلَّ شَيْءٍ عِلْمًا
तुम्हारा माबूद तो बस वही ख़ुदा है जिसके सिवा कोई और माबूद बरहक़ नहीं कि उसका इल्म हर चीज़ पर छा गया है
99كَذَٰلِكَ نَقُصُّ عَلَيْكَ مِنْ أَنبَاءِ مَا قَدْ سَبَقَ ۚ وَقَدْ آتَيْنَاكَ مِن لَّدُنَّا ذِكْرًا
(ऐ रसूल) हम तुम्हारे सामने यूँ वाक़ेयात बयान करते हैं जो गुज़र चुके और हमने ही तुम्हारे पास अपनी बारगाह से कुरान अता किया
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
97आयत

अनुवाद — ताहा 97

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सूरा आयत 97/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 95–99. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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