अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِلَٰهُكُمُ: तुम्हारा पूज्य (माबूद)
- وَسِعَ كُلَّ شَيْءٍ عِلْمًا: उसका ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है, यानी उसके ज्ञान से कोई चीज़ बाहर नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम्हारा सच्चा पूज्य और माबूद सिर्फ़ अल्लाह ही है। उसके अलावा कोई भी सच्चा माबूद नहीं, जो इबादत के लायक़ हो। चाहे लोगों ने सोने का बछड़ा बनाकर उसे पूजा हो या किसी और चीज़ को अपना माबूद बना लिया हो, ये सब बातिल है। सिर्फ़ अल्लाह ही वो हस्ती है जो सच्चा माबूद है, क्योंकि वही पैदा करने वाला, पालने वाला और सब कुछ जानने वाला है।
उसका ज्ञान हर चीज़ को घेरे हुए है। आसमानों और ज़मीन की हर छोटी-बड़ी चीज़, पत्तों का गिरना, समुद्र की गहराइयों में छिपे राज़, दिलों के भेद, सब कुछ उसके इल्म में है। उसके ज्ञान से कोई चीज़ छिपी नहीं है, न ज़मीन में और न आसमान में। यही वो सिफ़त है जो उसे इबादत के लायक़ बनाती है — वो सब कुछ जानता है, सब कुछ सुनता है, और सब कुछ देखता है।
ये आयत हमें सिखाती है कि जब हम किसी को अपना माबूद बनाते हैं, तो हमें ये देखना चाहिए कि क्या वो हमारी हर ज़रूरत को जानता है? क्या वो हमारी हर दुआ को सुन सकता है? क्या वो हमारी हर परेशानी को दूर कर सकता है? सिर्फ़ अल्लाह ही है जो इन सब पर क़ादिर है। उसका इल्म हर चीज़ पर हावी है, इसलिए वही हमारी इबादत का हक़दार है।
ये आयत हमारे दिलों को उस अज़ीम हस्ती की तरफ़ मोड़ती है जो हमसे बेहद करीब है, हमारी हर बात जानती है, और हमारी हर ज़रूरत से वाक़िफ़ है। जब हम ये यक़ीन कर लें कि अल्लाह का इल्म हर चीज़ को घेरे हुए है, तो हमारा दिल उसकी तरफ़ पूरी तरह मुड़ जाता है, और हम उसी से मदद माँगते हैं, उसी से डरते हैं, और उसी से उम्मीद रखते हैं। यही सच्ची तौहीद है — यही इंसान को दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाती है।
📜 आयत 96-100 — ताहा
अनुवाद — ताहा 98
सूरा ताहा आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम्हारा माबूद तो बस वही ख़ुदा है जिसके सिवा कोई…सूरा आयत 98/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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