Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُبَيِّنُ: स्पष्ट करता है, खोलकर बताता है।
- الْآيَاتِ: निशानियाँ, आदेश, निषेध और शिक्षापूर्ण बातें।
- عَلِيمٌ: सब कुछ जानने वाला, हर बात से अवगत।
- حَكِيمٌ: पूर्ण ज्ञान और तत्वदर्शिता के साथ हर काम करने वाला, अपनी व्यवस्था और आदेशों में परिपूर्ण।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों पर असीम कृपा करता है और अपनी आयतों (निशानियों) को स्पष्ट रूप से बयान करता है, जिनमें शरीयत के आदेश और निषेध, हलाल-हराम के नियम, और जीवन के हर पहलू के लिए मार्गदर्शन शामिल है। ये आयतें केवल कानून ही नहीं, बल्कि नसीहत और रहमत भी हैं, ताकि इंसान अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की मर्ज़ी के अनुसार ढाल सके और भटकाव से बच सके।
अल्लाह عَلِيمٌ है—वह हर इंसान के अंदर की बात, उसके इरादों और उसके कर्मों से पूरी तरह वाकिफ है। कोई भी बात उससे छिपी नहीं है, चाहे वह दिल में हो या ज़ुबान पर, चाहे वह अकेले में हो या भीड़ में। वह حَكِيمٌ है—उसका हर फैसला, हर आदेश और हर व्यवस्था पूर्ण ज्ञान और तत्वदर्शिता पर आधारित है। वह जो कुछ भी करता है, उसमें गहरी समझदारी और बेहतरीन मसलहत (भलाई) होती है।
इस आयत में अल्लाह तआला अपने बंदों को यह भरोसा दिलाता है कि वह उनके साथ अत्यंत दयालु और मेहरबान है। वह अपने आदेशों को स्पष्ट करता है ताकि लोगों को कोई संदेह न रहे और वे सीधे रास्ते पर चल सकें। साथ ही, यह भी संकेत है कि अल्लाह हर मामले में न्याय करेगा—चाहे वह किसी की इज़्ज़त से जुड़ा हो या उसके कर्मों से। जैसे इस आयत के पहले के संदर्भ में अल्लाह ने सच्चे और निर्दोष लोगों की पाकी (पवित्रता) का फैसला सुनाया, वैसे ही वह हर सच्चे बंदे की इज़्ज़त की रक्षा करता है और झूठे आरोप लगाने वालों को सज़ा देता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अल्लाह के आदेशों को समझने और उन पर अमल करने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि वही हमारा सबसे बड़ा मार्गदर्शक है। अल्लाह की आयतें हमारे लिए रोशनी हैं, जो अंधेरों से निकालकर सच्चाई की ओर ले जाती हैं। जो इन आयतों को अपनाता है, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होता है। अल्लाह हमें अपनी आयतों को समझने और उन पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 16-20 — सूरा अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 18
सूरा अन-नूर आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा तुम से (अपने) एहकाम साफ साफ बयान करता…सूरा आयत 18/64 — सूरा अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नूर सुनें, सूरा अन-नूर अनुवाद, सूरा अन-नूर mp3, सूरा अन-नूर pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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