अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُسْتَقَرًّا: ठहरने की जगह, निवास स्थान।
- مَقِيلًا: दोपहर के समय आराम करने की जगह (क़ायलाह), जब सूरज तेज़ होता है तो आराम के लिए जो स्थान होता है। जन्नत में नींद नहीं होगी, लेकिन यह आराम और सुकून की कैफियत को दर्शाता है।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में क़यामत के दिन का एक दृश्य पेश कर रहे हैं, जब सभी लोग अपने-अपने अंजाम तक पहुँच चुके होंगे। उस दिन जन्नत वाले (यानी मोमिनीन) कितने खुशनसीब होंगे! उनका ठिकाना (मुस्तक़र्र) सबसे बेहतरीन होगा और उनके आराम की जगह (मक़ील) भी सबसे खूबसूरत और पुरसुकून होगी। यानी जहाँ वे ठहरेंगे, वह जगह हर तरह की बेहतरी से भरी होगी—न वहाँ कोई गम होगा, न थकान, न कोई कमी। उनका निवास ऐसा होगा जिसकी कोई मिसाल दुनिया में नहीं।
दूसरी तरफ, काफिरों और मुशरिकों का ठिकाना जहन्नम की आग होगी, जहाँ वे हमेशा अज़ाब में रहेंगे। यहाँ अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि जन्नत वाले उस दिन काफिरों से कहीं बेहतर ठिकाने और आराम की जगह वाले होंगे। यह तुलना इसलिए की गई है ताकि इंसान समझे कि दुनिया की चंद रोज़ की खुशियाँ और ठाठ-बाठ कुछ नहीं, जबकि आख़िरत की कामयाबी ही असली कामयाबी है।
यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह पर ईमान लाया, उसके रसूल की पैरवी की और नेक अमल किए। उन्होंने दुनिया की लज़्ज़तों को आख़िरत की हमेशा रहने वाली नेमतों पर तरजीह दी। इसलिए अल्लाह ने उन्हें ऐसा मक़ाम अता किया जहाँ हर तरह की राहत और सुकून है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि जो लोग अल्लाह की राह में दुनिया की मुश्किलें सहते हैं, उनका अंजाम कितना प्यारा है। जन्नत की खुशियाँ उन सारी कुर्बानियों का बदला हैं जो इंसान ने अल्लाह की रज़ा के लिए दीं। यहाँ अल्लाह तआला हमें उस दिन की याद दिला रहे हैं जब हर इंसान देखेगा कि उसका ठिकाना कैसा है। काश! हम सब उस दिन उन लोगों में से हों जिनका मुस्तक़र्र जन्नत हो और जिनकी मक़ील (आराम की जगह) रहमत के साये में हो। यह वादा उन लोगों के लिए है जो आज अल्लाह की इबादत करते हैं, उसकी राह पर चलते हैं और अपनी ज़िंदगी को उसके हुक्म के मुताबिक ढालते हैं। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें जन्नत का मुस्तक़र्र और अहसन मक़ील अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 22-26 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 24
सूरा अल-फुरकान आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन जन्नत वालों का ठिकाना भी बेहतर है बेहतर…सूरा आयत 24/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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