अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاتَّقُوا اللَّهَ: अल्लाह से डरो, उसके आदेशों का पालन करो और उसकी निषेधों से बचो।
- وَأَطِيعُونِ: और मेरी आज्ञा का पालन करो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह के नबी हूद (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम 'आद' को नसीहत करते हुए कहा कि ऐ मेरी क़ौम! क्या तुम अल्लाह से नहीं डरते? क्या तुम उसकी इबादत को ख़ालिस नहीं करोगे? मैं तुम्हारे पास अल्लाह का भेजा हुआ रसूल हूँ, और मैं तुम्हारी भलाई और हिदायत के लिए बहुत चिंतित हूँ। मैं अल्लाह का पैग़ाम तुम तक पहुँचा रहा हूँ, और मैं इस अमानत की हिफ़ाज़त करने वाला हूँ।
फिर उन्होंने उन्हें साफ़ और सीधी बात कही: "तो तुम अल्लाह से डरो और मेरी आज्ञा का पालन करो।" यानी अल्लाह के अज़ाब से डरो, उसके हुक्मों को मानो, उसकी मनाही से बचो, और मेरी उस बात को क़बूल करो जो मैं अल्लाह की तरफ़ से लेकर आया हूँ। मैं तुमसे इस हिदायत के बदले कोई मेहनताना नहीं माँगता, मेरा अज्र तो बस अल्लाह के ज़िम्मे है, जो सारे जहानों का रब है।
यह नसीहत आज हम सबके लिए भी है। अल्लाह से डरना और उसके नबी की आज्ञा मानना ही हमारी कामयाबी की कुंजी है। जो व्यक्ति अल्लाह से डरता है, अल्लाह उसके लिए हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बनाता है और उसे ऐसी जगह से रिज़्क़ देता है जिसका उसे ख़याल भी नहीं होता। और नबी की आज्ञा का पालन करना ही अल्लाह की मुहब्बत की निशानी है, जैसा कि क़ुरआन में अल्लाह ने फ़रमाया: "कह दो, अगर तुम अल्लाह से मुहब्बत रखते हो तो मेरी पैरवी करो, अल्लाह तुमसे मुहब्बत करेगा और तुम्हारे गुनाह माफ़ कर देगा।"
याद रखिए, नबी की आज्ञा मानना अल्लाह की आज्ञा मानना है, और नबी की नाफ़रमानी अल्लाह की नाफ़रमानी है। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है और जहन्नम से बचाता है। अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 124-128 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 126
सूरा अश-शुआरा आयत 126 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करोसूरा आयत 126/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 124–128. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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