अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَقُصُّ — सुनाना, बयान करना
- بَنِي إِسْرَائِيلَ — हज़रत याक़ूब (अलैहिस्सलाम) की औलाद, यहूदी
- أَكْثَرَ الَّذِي هُمْ فِيهِ يَخْتَلِفُونَ — अधिकतर वे चीज़ें जिनमें वे मतभेद रखते हैं
तफ़सीर:
यह आयत मक्का के काफ़िरों को संबोधित करते हुए बताती है कि यह क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि वह सत्य और सच्चाई का आईना है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह क़ुरआन, जो हमारे प्यारे नबी मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर उतारा गया है, बनी इस्राईल (यहूदियों) को उन अधिकतर मामलों की सच्चाई बताता है जिनमें वे आपस में मतभेद और झगड़े करते हैं।
यहूदी अपने धर्म में कई बातों पर अलग-अलग राय रखते थे — जैसे हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के बारे में, उनके जन्म, उनके उठाए जाने, उनके मरने या न मरने के मसले पर, और तौरात की कई आयतों की ताबीर (व्याख्या) में। क़ुरआन ने इन सभी विवादों में वही बताया जो सच्चाई है, और जो अल्लाह की ओर से तयशुदा है।
यह आयत हमें यह सिखाती है कि क़ुरआन सिर्फ़ मुसलमानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए हिदायत और सच्चाई का ज़रिया है। जो लोग सच्चाई की तलाश में हैं, वे क़ुरआन में उसे पा सकते हैं। यह किताब उन सारे झगड़ों और मतभेदों को ख़त्म करने की ताक़त रखती है जो इंसानों के बीच पैदा हो जाते हैं।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह हमारे लिए कितनी बड़ी नेमत है कि अल्लाह ने हमें ऐसी किताब दी जो हर विवाद में सच्चाई बताती है। आओ, हम क़ुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, ताकि हमारे जीवन के सारे झगड़े ख़त्म हों और हम सच्चाई की राह पर चलें। क़ुरआन वह रहनुमा है जो हमें जहालत की अंधेरों से निकालकर हिदायत की रोशनी की ओर ले जाता है।
📜 आयत 74-78 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 76
सूरा अन-नमल आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें भी शक नहीं कि ये क़ुरान बनी इसराइल पर…सूरा आयत 76/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 74–78. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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