अल-क़सस · 30/88
अनुवाद उच्चारण — अल-क़सस
فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ مِن شَاطِئِ الْوَادِ الْأَيْمَنِ فِي الْبُقْعَةِ الْمُبَارَكَةِ مِنَ الشَّجَرَةِ أَن يَا مُوسَىٰ إِنِّي أَنَا اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ ۝٣٠
Falammaaa ataahaa noodiya min shaati`il waadil aimani fil buq`atil muubaarakati minash shajarati ai yaa Moosaaa inneee Anal laahu Rabbul `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ जब मूसा आग के पास आए तो मैदान के दाहिने किनारे से इस मुबारक जगह में एक दरख्त से उन्हें आवाज़ आयी कि ऐ मूसा इसमें शक नहीं कि मै ही अल्लाह सारे जहाँ का पालने वाला हूँ
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • شَاطِئِ الْوَادِ: वादी (घाटी) का किनारा।
  • الْأَيْمَنِ: दाहिनी ओर (मूसा अलैहिस्सलाम के दाहिनी तरफ)।
  • الْبُقْعَةِ الْمُبَارَكَةِ: वह पवित्र और बरकत वाली जगह, जिसे अल्लाह ने विशेष सम्मान दिया।
  • مِنَ الشَّجَرَةِ: पेड़ की तरफ से (आवाज़ आई)।

तफसीर (व्याख्या):

जब हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम उस आग के पास पहुँचे जिसे उन्होंने दूर से देखा था, तो अल्लाह तआला ने उन्हें वहाँ पुकारा। यह पुकार वादी (घाटी) के दाहिने किनारे से आई, उस मुबारक जगह में जिसे अल्लाह ने अपने कलाम (बात) से मुशर्रफ़ किया था। आवाज़ एक पेड़ की तरफ से आई, जिसमें अल्लाह तआला ने अपने पैग़म्बर से सीधे कलाम किया। यह वही मुबारक मौका था जब अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम को पैग़म्बरी अता की और उन्हें अपना पैग़ाम सुनाया।

अल्लाह तआला ने फ़रमाया: "ऐ मूसा! बेशक मैं ही अल्लाह हूँ, सारे जहानों का रब।" यह पहला खिताब था जिसमें अल्लाह ने अपनी पहचान अपने नबी को कराई, ताकि उन्हें यक़ीन हो कि यह कोई मख़लूक़ नहीं, बल्कि ख़ुदा-ए-कायनात उनसे हमकलाम हो रहा है। इसके बाद अल्लाह ने उन्हें अपनी नबूवत का एलान किया और उन्हें फ़िरऔन के पास भेजने का हुक्म दिया।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह तआला अपने बंदों से बात करना चाहता है और उन्हें हिदायत देना चाहता है। जिस तरह मूसा अलैहिस्सलाम को अल्लाह ने अपने कलाम से नवाज़ा, उसी तरह आज हमारे पास कुरआन मौजूद है जो अल्लाह का कलाम है। हमें चाहिए कि इस कलाम को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है।

यह मंज़र हमें यह भी सिखाता है कि अल्लाह की रहमत और मदद उस वक्त आती है जब इंसान सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ रुजू करता है। मूसा अलैहिस्सलाम अकेले थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें अपनी खास मुहब्बत और नुबूवत से नवाज़ा। हमें भी चाहिए कि हर मुश्किल में अल्लाह से जुड़ें, उसी से मदद माँगें, और यक़ीन रखें कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता।

🎧 सुनें

📜 आयत 28-32 — अल-क़सस

28قَالَ ذَٰلِكَ بَيْنِي وَبَيْنَكَ ۖ أَيَّمَا الْأَجَلَيْنِ قَضَيْتُ فَلَا عُدْوَانَ عَلَيَّ ۖ وَاللَّهُ عَلَىٰ مَا نَقُولُ وَكِيلٌ
मूसा ने कहा ये मेरे और आप के दरमियान (मुहाएदा) है दोनों मुद्दतों मे से मै जो भी पूरी कर दूँ (मुझे एख्तियार है) फिर मुझ पर जब्र और ज्यादती (देने का आपको हक़) नहीं और हम आप जो कुछ कर रहे हैं (उसका) ख़ुदा गवाह है
29۞ فَلَمَّا قَضَىٰ مُوسَى الْأَجَلَ وَسَارَ بِأَهْلِهِ آنَسَ مِن جَانِبِ الطُّورِ نَارًا قَالَ لِأَهْلِهِ امْكُثُوا إِنِّي آنَسْتُ نَارًا لَّعَلِّي آتِيكُم مِّنْهَا بِخَبَرٍ أَوْ جَذْوَةٍ مِّنَ النَّارِ لَعَلَّكُمْ تَصْطَلُونَ
ग़रज़ मूसा का छोटी लड़की से निकाह हो गया और रहने लगे फिर जब मूसा ने अपनी (दस बरस की) मुद्दत पूरी की और बीवी को लेकर चले तो अंधेरीरात जाड़ों के दिन राह भूल गए और बीबी सफ़ूरा को दर्द ज़ेह शुरु हुआ (इतने में) कोहेतूर की तरफ आग दिखायी दी तो अपने लड़के बालों से कहा तुम लोग ठहरो मैने यक़ीनन आग देखी है (मै वहाँ जाता हूँ) क्या अजब है वहाँ से (रास्ते की) कुछ ख़बर लाऊँ या आग की कोई चिंगारी (लेता आऊँ) ताकि तुम लोग तापो
30فَلَمَّا أَتَاهَا نُودِيَ مِن شَاطِئِ الْوَادِ الْأَيْمَنِ فِي الْبُقْعَةِ الْمُبَارَكَةِ مِنَ الشَّجَرَةِ أَن يَا مُوسَىٰ إِنِّي أَنَا اللَّهُ رَبُّ الْعَالَمِينَ
ग़रज़ जब मूसा आग के पास आए तो मैदान के दाहिने किनारे से इस मुबारक जगह में एक दरख्त से उन्हें आवाज़ आयी कि ऐ मूसा इसमें शक नहीं कि मै ही अल्लाह सारे जहाँ का पालने वाला हूँ
31وَأَنْ أَلْقِ عَصَاكَ ۖ فَلَمَّا رَآهَا تَهْتَزُّ كَأَنَّهَا جَانٌّ وَلَّىٰ مُدْبِرًا وَلَمْ يُعَقِّبْ ۚ يَا مُوسَىٰ أَقْبِلْ وَلَا تَخَفْ ۖ إِنَّكَ مِنَ الْآمِنِينَ
और यह (भी आवाज़ आयी) कि तुम आपनी छड़ी (ज़मीन पर) डाल दो फिर जब (डाल दिया तो) देखा कि वह इस तरह बल खा रही है कि गोया वह (ज़िन्दा) अजदहा है तो पीठ फेरके भागे और पीछे मुड़कर भी न देखा (तो हमने फरमाया) ऐ मूसा आगे आओ और डरो नहीं तुम पर हर तरह अमन व अमान में हो
32اسْلُكْ يَدَكَ فِي جَيْبِكَ تَخْرُجْ بَيْضَاءَ مِنْ غَيْرِ سُوءٍ وَاضْمُمْ إِلَيْكَ جَنَاحَكَ مِنَ الرَّهْبِ ۖ فَذَانِكَ بُرْهَانَانِ مِن رَّبِّكَ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ وَمَلَئِهِ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا قَوْمًا فَاسِقِينَ
(अच्छा और लो) अपना हाथ गरेबान में डालो (और निकाल लो) तो सफेद बुर्राक़ होकर बेऐब निकल आया और ख़ौफ की (वजह) से अपने बाजू अपनी तरफ समेट लो (ताकि ख़ौफ जाता रहे) ग़रज़ ये दोनों (असा व यदे बैज़ा) तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से (तुम्हारी नुबूवत की) दो दलीलें फिरऔन और उसके दरबार के सरदारों के वास्ते हैं और इसमें शक नहीं कि वह बदकार लोग थे
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Tuesday, August 18, 2026

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