Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- شَاطِئِ الْوَادِ: वादी (घाटी) का किनारा।
- الْأَيْمَنِ: दाहिनी ओर (मूसा अलैहिस्सलाम के दाहिनी तरफ)।
- الْبُقْعَةِ الْمُبَارَكَةِ: वह पवित्र और बरकत वाली जगह, जिसे अल्लाह ने विशेष सम्मान दिया।
- مِنَ الشَّجَرَةِ: पेड़ की तरफ से (आवाज़ आई)।
तफसीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम उस आग के पास पहुँचे जिसे उन्होंने दूर से देखा था, तो अल्लाह तआला ने उन्हें वहाँ पुकारा। यह पुकार वादी (घाटी) के दाहिने किनारे से आई, उस मुबारक जगह में जिसे अल्लाह ने अपने कलाम (बात) से मुशर्रफ़ किया था। आवाज़ एक पेड़ की तरफ से आई, जिसमें अल्लाह तआला ने अपने पैग़म्बर से सीधे कलाम किया। यह वही मुबारक मौका था जब अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम को पैग़म्बरी अता की और उन्हें अपना पैग़ाम सुनाया।
अल्लाह तआला ने फ़रमाया: "ऐ मूसा! बेशक मैं ही अल्लाह हूँ, सारे जहानों का रब।" यह पहला खिताब था जिसमें अल्लाह ने अपनी पहचान अपने नबी को कराई, ताकि उन्हें यक़ीन हो कि यह कोई मख़लूक़ नहीं, बल्कि ख़ुदा-ए-कायनात उनसे हमकलाम हो रहा है। इसके बाद अल्लाह ने उन्हें अपनी नबूवत का एलान किया और उन्हें फ़िरऔन के पास भेजने का हुक्म दिया।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह तआला अपने बंदों से बात करना चाहता है और उन्हें हिदायत देना चाहता है। जिस तरह मूसा अलैहिस्सलाम को अल्लाह ने अपने कलाम से नवाज़ा, उसी तरह आज हमारे पास कुरआन मौजूद है जो अल्लाह का कलाम है। हमें चाहिए कि इस कलाम को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है।
यह मंज़र हमें यह भी सिखाता है कि अल्लाह की रहमत और मदद उस वक्त आती है जब इंसान सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ रुजू करता है। मूसा अलैहिस्सलाम अकेले थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें अपनी खास मुहब्बत और नुबूवत से नवाज़ा। हमें भी चाहिए कि हर मुश्किल में अल्लाह से जुड़ें, उसी से मदद माँगें, और यक़ीन रखें कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता।
📜 आयत 28-32 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 30
सूरा अल-क़सस आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ जब मूसा आग के पास आए तो मैदान के…सूरा आयत 30/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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