अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لُوطًا (लूत): अल्लाह के नबी लूत अलैहिस्सलाम।
- الْفَاحِشَةَ (अल-फ़ाहिशाह): अत्यंत घृणित और शर्मनाक कार्य, यहाँ आशय है पुरुषों से कामुकता (समलैंगिकता) का कार्य।
- مَا سَبَقَكُم بِهَا مِنْ أَحَدٍ (मा सबक़कुम बिहा मिन अहद): इस कार्य को करने में तुमसे पहले किसी ने सबक़त नहीं की, अर्थात यह ऐसा पाप है जो पहली बार तुम्हारी क़ौम ने किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उस समय को याद करें जब लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम से कहा: "तुम लोग ऐसा घृणित कार्य करते हो जो तुमसे पहले सारे संसार में किसी ने नहीं किया।" यह वह अत्यंत शर्मनाक कृत्य है जो फ़ितरत (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के बिल्कुल विपरीत है — पुरुषों का पुरुषों से कामुक संबंध बनाना। यह कार्य न केवल व्यक्ति की आत्मा को भ्रष्ट करता है बल्कि समाज में अश्लीलता, बीमारियाँ और अल्लाह की नाराज़गी लाता है।
लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को इस पाप से डराया और समझाया कि यह कार्य अल्लाह की स्पष्ट अवज्ञा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पाप के कारण वे राहगीरों को भी परेशान करते थे, उनके रास्ते रोकते थे और अपनी मजलिसों में घिनौने काम करते थे। यह सब अल्लाह की हदों का उल्लंघन है।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह ने जिन कार्यों को हराम (निषिद्ध) किया है, उन्हें कभी भी जायज़ नहीं ठहराना चाहिए, चाहे समाज में कितना ही प्रचलन क्यों न हो। इस्लाम फ़ितरत का दीन है और हर वह कार्य जो फ़ितरत के खिलाफ है, वह अल्लाह की नज़र में घृणित है।
याद रखें, अल्लाह तआला अपने बंदों से सिर्फ़ वही चाहता है जो उनके लिए भलाई और पवित्रता का कारण बने। जो लोग अल्लाह की नाराज़गी से डरते हैं और अपने आपको गुनाहों से बचाते हैं, उनके लिए अल्लाह के पास बेहतरीन इनाम और जन्नत की राहतें हैं। आइए हम सब लूत अलैहिस्सलाम की उम्मत से सबक़ लें और हर उस काम से दूर रहें जो अल्लाह को नापसंद है, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 26-30 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 28
सूरा अल-अंकबूत आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और ऐ रसूल) लूत को (याद करो) जब उन्होंने अपनी…सूरा आयत 28/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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