Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَهَبْنَا: हमने (अल्लाह ने) दान किया / प्रदान किया
- ذُرِّيَّتِهِ: उसकी संतान / उसके वंश में
- النُّبُوَّةَ: पैग़म्बरी / नबुव्वत
- الْكِتَابَ: किताबें (आसमानी किताबें, जैसे तौरात, ज़बूर, इंजील, क़ुरआन)
- أَجْرَهُ: उसका प्रतिफल / बदला
- الصَّالِحِينَ: नेक लोग / सच्चे और अच्छे लोग
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने ख़लील (दोस्त) हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की उस महान कुर्बानी और सब्र का ज़िक्र कर रहे हैं, जो उन्होंने अपने रब की राह में दी। अल्लाह ने उन्हें न सिर्फ़ बेटा इशाक़ अता किया, बल्कि उनके बेटे याक़ूब को भी उनकी नस्ल में दिया, और इससे भी बड़ी बात यह कि उनकी संतान में नबुव्वत और आसमानी किताबों का सिलसिला जारी किया। यानी हज़रत इब्राहीम के वंश से ही अधिकतर पैग़म्बर आए, और तौरात, ज़बूर, इंजील और क़ुरआन जैसी किताबें उन्हीं की नस्ल में उतारी गईं। यह अल्लाह की तरफ से इब्राहीम अलैहिस्सलाम के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान और इनाम था।
अल्लाह ने उन्हें दुनिया में भी अच्छा बदला दिया — यानी नेक संतान, अच्छी शोहरत और लोगों के दिलों में उनका सम्मान। और आख़िरत में भी वह उन नेक लोगों के साथ होंगे जिन्हें अल्लाह की रहमत और जन्नत हासिल होगी। यह उनके सब्र, ईमान और अल्लाह की राह में हर कुर्बानी देने का नतीजा था।
दावत और नसीहत:
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि जो व्यक्ति अल्लाह की राह में सब्र करता है, अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक ढालता है, और अपने ईमान पर क़ायम रहता है, अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह उसे दुनिया में भी इज़्ज़त देता है और आख़िरत में भी। हज़रत इब्राहीम ने अपने बेटे को कुर्बानी करने का हुक्म मिलने पर भी सब्र किया, और अल्लाह ने उन्हें ऐसा इनाम दिया जो आज तक ज़िंदा है। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी में अल्लाह पर भरोसा रखें, उसकी राह में मुश्किलों का सामना करें, और यक़ीन रखें कि अल्लाह हमें कभी निराश नहीं करेगा। जो लोग अल्लाह की राह में नेकी करते हैं, उनका अंजाम हमेशा अच्छा होता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 25-29 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 27
सूरा अल-अंकबूत आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमे शक नहीं कि वह ग़ालिब (और) हिकमत वाला है…सूरा आयत 27/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


