Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُخَوِّفُ: डराता है, भय दिखाता है।
- أَوْلِيَاءَهُ: उसके मित्र, उसके साथी (यहाँ अर्थ: काफ़िर और मुशरिकीन)।
- فَلَا تَخَافُوهُمْ: उनसे मत डरो।
- وَخَافُونِ: और मुझसे डरो (अर्थात मेरा भय रखो)।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने ईमानवालों को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि जो लोग तुम्हें (उहुद के मैदान से लौटने के बाद) डरा रहे थे कि "लोगों (काफ़िरों) ने तुम्हारे ख़िलाफ़ बड़ी ताकत जमा कर ली है, उनसे डरो" — वह डराने वाला दरअसल शैतान है, जो अपने मित्रों (काफ़िरों) के ज़रिए तुम्हें भय दिखा रहा है। शैतान का मक़सद यही है कि तुम काफ़िरों के डर से जिहाद छोड़ दो और कमज़ोर पड़ जाओ। अल्लाह तआला फ़रमाता है: उन (शैतान और उसके साथियों) से मत डरो, क्योंकि उनके पास न कोई ताक़त है और न कोई सहारा। बल्कि सिर्फ़ मुझसे डरो — यानी मेरे हुक्म की पालना में कमी न करो, मेरी नाफ़रमानी से बचो — अगर तुम सच्चे ईमान वाले हो। क्योंकि ईमान का तक़ाज़ा यही है कि बंदा अल्लाह का भय सबसे बढ़कर रखे और उसी पर भरोसा करे। जो व्यक्ति अल्लाह पर ईमान रखता है, उसे किसी मख़लूक़ के डर से पीछे नहीं हटना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही सब कुछ करने पर क़ादिर है।
फ़ायदे (सबक़):
- शैतान का एक बड़ा हथियार मुसलमानों के दिलों में डर पैदा करना है, ताकि वे अल्लाह के काम (जिहाद, नेकी) से रुक जाएँ। इसलिए मोमिन को चाहिए कि वह शैतान के इस दाओं में न आए।
- अल्लाह का डर हर डर से बड़ा और बेहतर है। जब बंदे के दिल में अल्लाह का डर होता है, तो दुनिया का हर डर ख़त्म हो जाता है।
- यह आयत मुसलमानों को हौसला और हिम्मत देती है कि दुश्मनों की तादाद या ताक़त से घबराएँ नहीं, बल्कि अल्लाह पर भरोसा रखें — क्योंकि अल्लाह ही असली मददगार है।
- सच्चा ईमान वही है जो अमल में ज़ाहिर हो — यानी अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाना और उसकी नाफ़रमानी से बचना।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि दुश्मन की धमकियों को कभी गंभीरता से न लें, क्योंकि असली इज़्ज़त और क़ुदरत तो अल्लाह के हाथ में है।
📜 आयत 173-177 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 175
सूरा आल-इमरान आयत 175 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यह (मुख्बिर) बस शैतान था जो सिर्फ़ अपने दोस्तों को…सूरा आयत 175/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 173–177. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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