अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْبَيِّنَاتِ: स्पष्ट प्रमाण और चमत्कार जो पैगंबरों की सच्चाई को दर्शाते हैं।
- الزُّبُرِ: आसमानी किताबें, जैसे तौरात, ज़बूर आदि (यह 'ज़बूर' का बहुवचन है)।
- الْكِتَابِ الْمُنِيرِ: वह उज्ज्वल और स्पष्ट किताब जो अंधकार को दूर करके रोशनी देती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अगर ये लोग आपको झुठलाते हैं, तो आप दुखी न हों और न ही आपके दिल में कोई मलाल हो, क्योंकि यह कोई नई बात नहीं है। आपसे पहले भी कई पैगंबर आए, जिन्हें उनकी क़ौमों ने झुठलाया, जबकि वे पैगंबर अपने साथ स्पष्ट चमत्कार, खुले प्रमाण और आसमानी किताबें लेकर आए थे। उन किताबों में नसीहतें, हिदायतें और साफ-साफ कानून थे, जो लोगों को अंधकार से निकालकर रोशनी की ओर लाते थे।
यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी को तसल्ली दे रहे हैं कि सच्चाई का रास्ता हमेशा से कठिन रहा है और नबियों को झुठलाना काफिरों की पुरानी आदत रही है। आप अकेले नहीं हैं, बल्कि आप उन महान पैगंबरों की कड़ी हैं जिन्होंने सच्चाई का संदेश पहुंचाया और दुनिया की परवाह नहीं की।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि जब हम सच्चाई पर क़ायम रहते हैं और लोग हमारा मज़ाक उड़ाते हैं या हमें झुठलाते हैं, तो हमें निराश नहीं होना चाहिए। यह तो सच्चाई के रास्ते की परीक्षा है। जिस तरह पैगंबरों ने सब्र और दृढ़ता से काम लिया, हमें भी अपने ईमान में मज़बूत रहना चाहिए। अल्लाह का वादा है कि सच्चाई हमेशा बुलंद होती है, चाहे झुठलाने वाले कितने भी हों।
याद रखिए, जो लोग आज आपको झुठला रहे हैं, वह दरअसल उस सच्चाई को झुठला रहे हैं जो पैगंबरों की विरासत है। और अल्लाह के पास उनका हिसाब है। हमें अपने नबी की सुन्नत पर चलते हुए सब्र, हिम्मत और दावत का काम जारी रखना चाहिए, क्योंकि सच्चाई की जीत तय है।
📜 आयत 182-186 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 184
सूरा आल-इमरान आयत 184 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) अगर वह इस पर भी तुम्हें झुठलाएं तो…सूरा आयत 184/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 182–186. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








