Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मुबश्शिरात (मुबश्शिरात): खुशखबरी देने वाली (हवाएँ)।
- अल-फुल्क (अल-फुल्क): जहाज़।
- तब्तग़ू (तब्तग़ू): तलाश करो, ढूँढो।
- फ़ज़्लिही (फ़ज़्लिही): उसकी कृपा (रिज़्क़ और रोज़ी)।
- तश्कुरून (तश्कुरून): शुक्र अदा करो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला की महान शक्ति और उसकी वहदानियत (एकता) की निशानियों में से एक यह है कि वह हवाओं को भेजता है, जो बारिश की खुशखबरी लेकर आती हैं। ये हवाएँ बादलों को उठाती हैं और उन्हें उन जगहों की ओर ले जाती हैं जहाँ अल्लाह चाहता है, ताकि इंसानों के दिलों में रहमत की बारिश की उम्मीद पैदा हो। यह अल्लाह की रहमत का एक नमूना है कि वह बारिश भेजकर ज़मीन को ज़िंदा करता है, फसलें उगाता है, और तुम्हें अपनी रहमत का मज़ा चखाता है।
इसी तरह, इन हवाओं की बदौलत समुद्र में जहाज़ चलते हैं, जो अल्लाह के हुक्म से सफर करते हैं। यह अल्लाह ही है जो हवाओं को नियंत्रित करता है, ताकि तुम समुद्र के रास्ते अपनी रोज़ी की तलाश कर सको, व्यापार कर सको, और दूर-दराज़ के इलाकों से जुड़ सको। यह सब कुछ अल्लाह की कृपा और उसकी ताक़त का सबूत है।
अल्लाह ने यह सब इसलिए किया ताकि तुम उसके एहसानों को पहचानो और उसका शुक्र अदा करो। जब तुम देखते हो कि हवाएँ बारिश लाती हैं, ज़मीन हरी-भरी हो जाती है, और जहाज़ समुद्र में चलते हैं, तो तुम्हें याद रखना चाहिए कि यह सब अल्लाह की देन है। वही सब कुछ करने वाला है, और उसी की इबादत करनी चाहिए।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की निशानियों पर ग़ौर करना चाहिए। हवाएँ, बारिश, समुद्र और जहाज़ — ये सब अल्लाह की कुदरत के नमूने हैं। जो इंसान इन पर ग़ौर करता है, वह अल्लाह की अज़मत को पहचानता है और उसका शुक्र अदा करता है। शुक्र अदा करने से अल्लाह और नेमतें देता है, और यही इंसान की कामयाबी का रास्ता है।
इसलिए, ऐ इंसान! अल्लाह की इन नेमतों को कभी भूलना नहीं चाहिए। हर सुबह जब तुम हवा का झोंका महसूस करो, या बारिश की बूँदें देखो, या समुद्र में जहाज़ को चलते देखो, तो याद करो कि यह सब अल्लाह की रहमत और कृपा है। उसका शुक्र अदा करो, उसकी इबादत करो, और उसी की तरफ़ रुजू करो। यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 44-48 — सूरा अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 46
सूरा अर-रूम आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसी की (क़ुदरत) की निशानियों में से एक ये भी…सूरा आयत 46/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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