Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِثْقَالَ حَبَّةٍ مِنْ خَرْدَلٍ: राई के दाने के बराबर वज़न (अत्यंत छोटा और हल्का)
- فِي صَخْرَةٍ: किसी चट्टान के भीतर (गहरे छिपा हुआ)
- لَطِيفٌ: बारीक चीज़ों को जानने वाला, सूक्ष्म दृष्टि वाला
- خَبِيرٌ: हर चीज़ की पूरी खबर रखने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत लुक़मान अलैहिस्सलाम अपने बेटे को नसीहत करते हुए फ़रमा रहे हैं: "ऐ मेरे बेटे! याद रख, अगर कोई नेकी या गुनाह राई के दाने के बराबर भी हो — जो कि सबसे छोटी और हल्की चीज़ों में से है — और वह किसी ऐसी जगह छिपा हो जहाँ किसी इंसान की नज़र न पहुँच सके, जैसे किसी बड़ी चट्टान के पेट में, या आसमानों की बुलंदियों में, या ज़मीन की गहराइयों में, तो अल्लाह उसे ज़रूर लाएगा और उसका हिसाब लेगा।"
यानी अल्लाह तआला के इल्म से कोई चीज़ छिपी नहीं है। वह हर छोटे-बड़े अमल को जानता है, चाहे वह कितना ही छिपा हुआ क्यों न हो। क़यामत के दिन वह हर नेकी और हर गुनाह को सामने लाएगा और उसका पूरा-पूरा बदला देगा। अल्लाह लतीफ़ है — यानी वह इतना सूक्ष्म और बारीकबीन है कि उसकी नज़र से ज़मीन के अंदर दबा हुआ राई का दाना भी नहीं छिप सकता। और वह ख़बीर है — यानी उसे हर चीज़ की पूरी खबर है, उसके ठिकाने और उसकी हक़ीक़त से वह पूरी तरह वाक़िफ़ है।
यह बात हमारे दिलों में अल्लाह का खौफ़ और उसकी मुहब्बत दोनों पैदा करती है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हमारी हर छोटी-बड़ी नेकी देख रहा है, तो हम नेकी पर और भी जमा रहेंगे। और जब हमें मालूम हो कि हमारा कोई गुनाह उससे छिपा नहीं है, तो हम गुनाह से बचने की और भी कोशिश करेंगे। यही वह चीज़ है जो एक मोमिन को अंदर से सुधारती है और उसे अल्लाह की राह पर चलाती है।
याद रखिए, अल्लाह का इन्साफ़ बिल्कुल सटीक है और उसकी रहमत असीम है। वह नेकी का अज्र कई गुना बढ़ाकर देता है और गुनाह का हिसाब सिर्फ़ उतना ही लेता है जितना वह है। यही अल्लाह की महानता है कि वह सब कुछ जानता है, सब कुछ देखता है, और उसकी पकड़ से कोई बच नहीं सकता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी के हर पल को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, क्योंकि हमारा हर अमल उसके सामने हाज़िर होने वाला है।
📜 आयत 14-18 — सूरा लुकमान
अनुवाद — लुकमान 16
सूरा लुकमान आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस वक्त उसका अन्जाम) बता दूँगा ऐ बेटा इसमें शक…सूरा आयत 16/34 — सूरा लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा लुकमान सुनें, सूरा लुकमान अनुवाद, सूरा लुकमान mp3, सूरा लुकमान pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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