अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (معاني الكلمات):
- नस्ल (نسل): संतान, वंश।
- सुलाला (سلالة): निचोड़ा हुआ, निकाला हुआ सार; अर्थात् वह नुत्फ़ा (वीर्य) जो मनुष्य के शरीर से निकाला जाता है।
- माउन महीन (ماء مهين): कमज़ोर, तुच्छ और हल्का पानी; यानी वीर्य की बूँद।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने आदम (अलैहिस्सलाम) की पैदाइश का ज़िक्र करने के बाद अब उनकी नस्ल और संतान की पैदाइश का तरीक़ा बयान फ़रमा रहा है। फ़रमाता है कि फिर उसने आदम की संतान को एक बेहद कमज़ोर और हक़ीर पानी (वीर्य) से पैदा किया। यह वही नुत्फ़ा है जो मनुष्य के शरीर से निकलता है और जिसे "सुलाला" कहा गया है, क्योंकि यह मनुष्य के पूरे शरीर से खींचकर निकाला जाता है।
यह पानी इतना कमज़ोर और तुच्छ है कि अगर उसे देखा जाए तो कोई अक़्लमंद यह गुमान भी नहीं कर सकता कि इससे एक ख़ूबसूरत, समझदार और बलशाली इंसान पैदा होगा। मगर अल्लाह तआला की क़ुदरत देखिए कि उसी कमज़ोर बूँद से वह इंसान पैदा करता है जो ज़मीन पर ख़लीफ़ा बनता है, इल्म हासिल करता है, और अल्लाह की इबादत करता है।
इस आयत में इंसान को अपनी हैसियत याद दिलाई गई है कि वह किस चीज़ से पैदा हुआ है। जब इंसान यह सोचे कि उसकी शुरुआत एक कमज़ोर और हक़ीर पानी से हुई, तो उसे ग़ुरूर और घमंड नहीं करना चाहिए। यही विनम्रता और अज्ज़त (अपनी कमज़ोरी का एहसास) इंसान को अल्लाह के सामने झुकने और उसकी बड़ाई का इक़रार करने पर मजबूर करती है।
अल्लाह तआला की इस पैदाइश पर ग़ौर करने वाले के लिए यह सबसे बड़ी निशानी है कि जो अल्लाह एक कमज़ोर बूँद से इतना अज़ीम इंसान पैदा कर सकता है, वह मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। यही वह हक़ीक़त है जो इंसान को आख़िरत पर ईमान लाने और अपने रब की इबादत की तरफ़ राग़िब करती है।
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि हम अपनी पैदाइश के इस मरहले पर ग़ौर करें और अल्लाह की क़ुदरत को पहचानें। जिसने हमें इस कमज़ोर बूँद से पैदा करके इतनी नेअमतें अता कीं, उसका शुक्र अदा करना हमारा फ़र्ज़ है। यही शुक्र हमें जन्नत की तरफ़ ले जाता है, जहाँ हमेशा की ज़िंदगी है। अल्लाह तआला हमें अपनी क़ुदरत पर ग़ौर करने और उसकी इबादत पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 6-10 — अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 8
सूरा अस-सजदा आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसकी नस्ल (इन्सानी जिस्म के) खुलासा यानी (नुत्फे के से)…सूरा आयत 8/30 — अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-सजदा सुनें, अस-सजदा अनुवाद, अस-सजदा mp3, अस-सजदा pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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