Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّاعَةُ (अस-साआह): क़ियामत, प्रलय का दिन।
- بَلَى (बला): हाँ, अवश्य (क़सम के साथ पुष्टि के लिए)।
- عَالِمِ الْغَيْبِ (आलिमुल-ग़ैब): छिपी हुई चीज़ों का ज्ञान रखने वाला।
- يَعْزُبُ (य'ज़ुबु): दूर होना, छिपा रहना, ग़ायब होना।
- مِثْقَالُ ذَرَّةٍ (मिस्क़ालु ज़र्राह): एक चींटी के बराबर वज़न, अत्यंत सूक्ष्म कण।
- كِتَابٍ مُبِينٍ (किताबिन मुबीन): स्पष्ट किताब, यानी लौह-ए-महफ़ूज़।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब नबी करीम ﷺ ने लोगों को क़ियामत के आने और मौत के बाद दोबारा जीवित होने की ख़बर दी, तो काफ़िरों ने अहंकार और मज़ाक़ के अंदाज़ में कहा: "ये क़ियामत तो हमारे पास आएगी ही नहीं!" वे इसे महज़ एक कल्पना समझते थे और उस पर हँसते थे।
अल्लाह तआला ने अपने नबी ﷺ को सिखाया कि उन्हें जवाब दें: "हाँ، मेरे रब की क़सम! वह क़ियामत तुम्हारे पास अवश्य आएगी।" यह कोई ऐसी चीज़ नहीं जो अल्लाह के क़ुदरत से बाहर हो। वह आलिमुल-ग़ैब है—हर छिपी चीज़ का ज्ञान रखने वाला। उसके इल्म से न तो आसमानों में और न ही ज़मीन में एक ज़र्रा (चींटी के बराबर) भी छिपा है, और न ही उससे छोटी या बड़ी कोई चीज़। हर चीज़ उसके पूर्ण ज्ञान में है और लौह-ए-महफ़ूज़ (स्पष्ट किताब) में दर्ज है।
यह अल्लाह की बेपनाह क़ुदरत और इल्म की दलील है। जब वह हर छोटे-बड़े कण से वाक़िफ है، तो उसके लिए मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करना और क़ियामत का दिन लाना क्या मुश्किल है? यह उसके लिए बिल्कुल आसान है।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है: जो लोग क़ियामत को झुठलाते हैं، वह दरअसल अल्लाह की क़ुदरत को नहीं समझते। लेकिन जो ईमान लाते हैं، नेक अमल करते हैं، उनके लिए अल्लाह ने मग़फ़िरत (क्षमा) और करीम रिज़्क़ (जन्नत) का वादा किया है। यह वादा उतना ही सच है जितना सच क़ियामत का आना है।
आओ، हम इस हक़ीक़त पर यक़ीन करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं، ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिन्हें जन्नत की ख़ुशख़बरी दी जाएगी। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-5 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 3
सूरा सबा आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कुफ्फार कहने लगे कि हम पर तो क़यामत आएगी…सूरा आयत 3/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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